
इलायची एक छोटी सी हरी फली होती है, लेकिन इसकी कीमत बहुत बड़ी होती है. यह मसाला खाने की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ाता है. इसी वजह से इलायची की जरूरत हर घर और बाजार में रहती है. अगर किसान सही ढंग से इलायची की खेती करें, तो वे इससे अच्छी आमदनी कर सकते हैं. इलायची को मसालों की रानी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल चाय, मिठाई, खीर और दवाइयों में किया जाता है. यह सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है. भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी इलायची की बहुत मांग है. इसलिए इसकी बिक्री आसानी से हो जाती है और दाम भी अच्छे मिलते हैं.
इलायची को ठंड या ज्यादा गर्मी पसंद नहीं होती. इसे नमी वाला और हल्का गर्म मौसम अच्छा लगता है. यह पौधा पहाड़ी जगहों पर अच्छे से बढ़ता है. केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के ऊंचे इलाके इलायची की खेती के लिए सबसे सही माने जाते हैं.
अगर पौधों की अच्छे से देखभाल की जाए, तो वे हरे-भरे रहते हैं और अच्छी फसल देते हैं.
इलायची भले ही छोटी हो, लेकिन इससे होने वाली कमाई बहुत बड़ी होती है. अगर किसान सही जगह चुनें, पौधों की अच्छी देखभाल करें और धैर्य रखें, तो इलायची की खेती उनकी आमदनी बढ़ाने का मजबूत रास्ता बन सकती है.
ये भी पढ़ें:
भारतीय बासमती का सबसे बड़ा आयातक था ईरान, बदलते गए हालात...कम होती गई मांग, आगे क्या होगा अंजाम?
पतंगों से लेकर पोंगल तक, भारत के अलग-अलग शहरों में अनोखे ढंग से मनता है ये त्योहार