
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को मौसम का मिजाज खराब रहा. वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से पिछले 2 दिनों से आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है. शुक्रवार दोपहर बाद करीब 20 मिनट तक हुई तेज बेमौसम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया. तापमान में गिरावट आने से शहरवासियों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलों को नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं.
बारिश का सबसे ज्यादा असर सूरतगढ़-बीकानेर नेशनल हाईवे पर स्थित राजियासर से आगे मोकलसर, 92-99 आरडीआर सहित आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला. यहां तेज बारिश के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई. ओले गिरने के कारण हाईवे पर चल रहे कई वाहनों को रुकना पड़ा. राष्ट्रीय राजमार्ग की काली सड़क ओलों की मोटी परत से सफेद नजर आने लगी. दूर-दूर तक खेतों और सड़क किनारे ओले ही ओले दिखाई दिए.
इसके अलावा, देइदासपुरा, भोजूसर, हिन्दौर, बिरधवाल और बछरारा गांवों में भी ओलावृष्टि की सूचना मिली है. 2 दिन से आया मौसम में बदलाव मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 2 दिनों से मौसम में बदलाव बना हुआ है. गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को गिरकर 27 डिग्री तक पहुंच गया.
वहीं, न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. विभाग के अनुसार, शनिवार को भी जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है. शनिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
खेतों में फसलों को भारी नुकसान उधर किसानों का कहना है कि मौसम खराब होने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो रहा है. कई स्थानों पर खेत-खलिहानों में काटकर रखी फसल भी भीग गई है. इस समय गेहूं की फसल पकाव की अवस्था में है. ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है.
राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम काफी बदला हुआ रहने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक, 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है. पिछले दिनों भी पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में बारिश और ओले गिरे हैं. इस दौरान तापमान में 3-5 डिग्री तक गिरावट दर्ज हो सकती है और 5 से 8 अप्रैल तक मौसम सामान्य या थोड़ा ठंडा बना रहेगा. वहीं 7-8 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से फिर मौसम बिगड़ सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगेगी. (हरनेक सिंह की रिपोर्ट)