पंजाब सरकार ने धान सीजन से पहले नहरों में 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों से ट्यूबवेल पर निर्भरता कम करने की अपील की है. सरकार का कहना है कि इस कदम से सिंचाई आसान होगी और भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
पंजाब में गेहूं खरीद ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है. गुणवत्ता मानकों में ढील मिलने के बाद सिर्फ पांच दिनों में खरीद कई गुना बढ़ गई. सांसद ने मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर मौजूदा हालात को समझा.
Punjab के Fazilka जिले में गेहूं खरीद में देरी को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है. मंडियों में लाखों बोरियां नीलामी का इंतजार कर रही हैं, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर खरीद धीमी गति से चल रही है. PUNSUP द्वारा अब तक बहुत कम मात्रा में खरीद की गई है, वहीं नमी और खराब क्वालिटी को लेकर भी समस्या बनी हुई है.
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान के बीच राकेश टिकैत ने किसानों के लिए तत्काल मुआवजा और राहत की मांग की है. पंजाब में गिरदावरी के आदेश जारी कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है.
अमृतसर में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. कई इलाकों में फसल जमीन पर गिर गई है और किसानों को 50 से 100 प्रतिशत तक नुकसान झेलना पड़ा है. बढ़ी लागत और कम दाम के बीच किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं.
पंजाब के मोगा और संगरूर समेत कई इलाकों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से हजारों एकड़ गेहूं और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है. ठेके पर खेती करने वाले किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान के बाद सरकार एक्टिव हो गई है. सीएम भगवंत मान ने गिरदावरी के आदेश देते हुए साफ किया है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा. कई जिलों से नुकसान की रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
पंजाब में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से अमृतसर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है. किसानों ने सरकार से तुरंत गिरदावरी और मुआवजे की मांग की है, क्योंकि उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है.
पंजाब में समय से पहले पड़ी तेज गर्मी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. संगरूर के गांव लड्डी में गेहूं और हरे मटर की फसल पर बुरा असर दिख रहा है. किसानों का कहना है कि तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार 30 प्रतिशत तक घट सकती है, जबकि मटर की गुणवत्ता गिरने से उन्हें आधे दाम पर बेचने की नौबत आ रही है.
Potato Seed Farmers Crisis: पंजाब के दोआबा क्षेत्र में एक बार फिर बीज आलू किसानों पर संकट मंडरा रहा है. भारी उत्पादन के बावजूद दाम गिरने से किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं. जब देश में बीज की जरूरत स्थिर है तो हर कुछ साल में यह संकट क्यों लौट आता है?
पंजाब में कम मुनाफा और कमजोर मार्केटिंग सिस्टम के कारण किसान सरसों की खेती से दूर हो रहे हैं. MSP, तिलहन फसलों के घटते रकबे, खाद्य तेल आयात, नई किस्मों और सरकारी योजनाओं पर विशेषज्ञों और किसानों की राय जानिए.
मुकेरियां शुगर मिल के बाहर SKM (नॉन-पॉलिटिकल) का विरोध प्रदर्शन शुरू. आरोप—सरकार ने मिलों के संचालन में जानबूझकर देरी की, सप्लाई स्लिप जारी नहीं. 61 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी भी लंबित.
दीनानगर में नई शुगर मिल और को-जेनरेशन प्लांट समर्पित. ‘फतेह’ सल्फरलेस चीनी हुई लॉन्च. पंजाब देश में गन्ने का सबसे ऊंचा भाव देने वाला राज्य बना.
भारी बाढ़ और रिकॉर्ड बारिश ने गेहूं की बुआई रोक दी—किसानों की जमीन बह गई, गाद से खेत भर गए. कृषि विभाग ने PBW 757 सहित देर से बोई जाने वाली किस्मों का विकल्प दिया.
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) की आपत्ति के बाद राज्य सरकार ने ICAR से मांगा स्पष्टीकरण. छह नई गेहूं किस्मों को मंजूरी पर रोक की संभावना, क्योंकि इनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की अधिक जरूरत बताई गई है.
फाजिल्का मंडी में बाहरी किसानों की धान बिक्री पर रोक के बाद राजस्थान के किसानों ने पंजाब से कपास और बाजरा की एंट्री रोकी. दोनों राज्यों के किसान एक-दूसरे की फसलों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा रहे हैं. श्रीगंगानगर में किसान संगठनों की बैठक में आगे की रणनीति तय होगी.
पंजाब में लंबे इंतजार, बेमौसम बारिश और केंद्र से राहत न मिलने से किसान परेशान. मंडियों में धान की आवक घटी, खराब दाने और नमी ने MSP पर बिक्री मुश्किल बनाई. किसानों में छाई निराशा.
पंजाब सरकार का गन्ने के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) अगेती किस्मों के लिए 401 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि पछेती किस्मों के लिए 391 रुपये प्रति क्विंटल है. किसान नेताओं का कहना है कि भुगतान में देरी, कम मुनाफा और बढ़ती लागत के कारण गन्ने की खेती में लगातार गिरावट आ रही है.
CM मान ने कहा है कि बाढ़ के कारण हुए नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार को धान खरीद के लिए एक समान मानकों में छूट देनी चाहिए, क्योंकि धान में नमी की मात्रा बढ़ी हुई है. साथ ही बाढ़ और भारी बारिश के कारण धान क्षतिग्रस्त और बदरंग हो गए हैं.
Punjab Stubble Burning: पंजाब में पराली जलाने के मामलों में 10 दिनों में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है. PPCB के अनुसार, अब तक 353 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें सबसे ज्यादा तरनतारन और अमृतसर से हैं.
Punjab Paddy Procurement: पंजाब में धान की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि बाढ़ से नुकसान के बावजूद राज्य ने 172 लाख एमटी लक्ष्य से अधिक खरीद के इंतजाम किए हैं. किसानों को समय पर भुगतान पर जोर दिया गया है.
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