Crop Compensation: महाराष्‍ट्र में सूखे से बर्बाद फसलों के सर्वे का ऐलान, किसानों को मिलेगा मुआवजा

Crop Compensation: महाराष्‍ट्र में सूखे से बर्बाद फसलों के सर्वे का ऐलान, किसानों को मिलेगा मुआवजा

महाराष्ट्र में कम बारिश से फसल नुकसान झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए सरकार तत्काल सर्वे कराएगी. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर नुकसान का आकलन करेंगे और सरकारी नियमों के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.

Maharashtra Kharif Drought Crop SurveyMaharashtra Kharif Drought Crop Survey
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 10, 2026,
  • Updated Sep 10, 2026, 8:55 PM IST

महाराष्ट्र के जिन इलाकों में कम बारिश (सूखे) के कारण फसलें खराब हुई हैं, वहां किसानों को राहत देने के लिए सरकार तत्काल सर्वे कराएगी. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को नागपुर में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा. बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव और प्रशासन को कम बारिश से फसल प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. यह सर्वे राजस्व, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करेंगे.

मराठवाड़ा में बारिश की कमी से बढ़ी परेशानी

मंत्री ने कहा कि सर्वे में उन इलाकों को शामिल किया जाएगा, जहां पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसलें सूख गई हैं. नुकसान का आकलन लागू नियमों और मानकों के आधार पर किया जाएगा और उसी के अनुसार किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस मॉनसून सीजन में बारिश की कमी बनी हुई है. खासकर आठ जिलों वाले सूखा प्रभावित मराठवाड़ा क्षेत्र में बारिश की कमी और लगातार बने सूखे जैसे हालात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

शक्तिपीठ हाईवे की लागत पर बोले राजस्‍व मंत्री

वहीं, शक्तिपीठ हाईवे की अनुमानित लागत को लेकर NCP (SP) विधायक रोहित पवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर बावनकुले ने कहा कि नेशनल हाईवे का निर्माण केवल सड़क बनाने तक सीमित नहीं होता है. इसमें जमीन की शुरुआती तैयारी, मिट्टी, मुरुम और अन्य जरूरी काम भी शामिल होते हैं. इसलिए अलग-अलग सड़कों के मानकों और निर्माण की प्रकृति के अनुसार लागत का अनुमान अलग हो सकता है.

उन्होंने कहा कि शक्तिपीठ हाईवे का निर्माण आधार स्तर से नए सिरे से किया जाएगा. बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह सुनिश्चित किया है कि परियोजना का अनुमान और प्रजेंटेशन तैयार करते समय जनता के पैसे की बर्बादी न हो. बावनकुले ने कहा कि शक्तिपीठ हाईवे परियोजना में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं होगा. उन्होंने साफ किया कि इस तरह की गड़बड़‍ियों को सरकार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी.

'अमरावती अस्पताल अग्निकांड की जांच जारी रहेगी'

अमरावती के एक अस्पताल में पिछले महीने हुई आग की घटना को लेकर बावनकुले ने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय समिति अपनी जांच रिपोर्ट सौंप चुकी है. इसके बाद प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ लोगों को निलंबित किया गया है.

बावनकुले ने कहा कि मामला यहीं खत्म नहीं होगा. घटना की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि इसके मूल कारणों का पता लगाया जा सके. उन्होंने कहा कि समिति की सिफारिशों को महाराष्ट्र के अस्पतालों में प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में निर्दोष लोगों की जान जाने जैसी घटनाओं को रोका जा सके.

नवजात केंद्रों को आधुनिक बनाने की तैयारी

मंत्री ने बताया कि सरकार नवजात शिशु केंद्रों को आधुनिक बनाने और उनकी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की योजना पर भी काम कर रही है. उनका कहना था कि अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को बेहतर करना इस दिशा में महत्वपूर्ण है.

24 अगस्त को अमरावती के जिला महिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई यानी NICU में आग लग गई थी. इस हादसे में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 36 अन्य नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था. राज्य सरकार ने बुधवार को इस मामले में चार अधिकारियों और एक तकनीशियन को निलंबित करने का आदेश दिया था.

सरकारी जमीन पर कब्जे को रोकने के लिए बनेंगे ठोस उपाय

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े सवाल पर बावनकुले ने कहा कि सरकार ऐसे ठोस उपायों पर विचार कर रही है, जिनसे भविष्य में सरकारी जमीन पर कब्जा या उसका गलत इस्तेमाल रोका जा सके.

मराठवाड़ा में नियमों के तहत लग रहे जाति प्रमाणपत्र शिविर

मराठा आवेदकों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाने को लेकर चल रहे विवाद पर बावनकुले ने कहा कि मराठवाड़ा में प्रमाणपत्र वितरण के लिए लगाए जा रहे शिविर सरकार की नीति का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर पहले भी आयोजित किए जाते रहे हैं. नियमों के मुताबिक जाति प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. (पीटीआई)

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