CM फडणवीस के सामने रो पड़ा किसान, गले लगाकर संभाला, किसानों ने उठाई 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग

CM फडणवीस के सामने रो पड़ा किसान, गले लगाकर संभाला, किसानों ने उठाई 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग

महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव में कम बारिश से फसल संकट के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया. लातूर में एक किसान फसल नुकसान और आर्थिक परेशानी बताते हुए भावुक हो गया, जिस पर फडणवीस ने उसे गले लगाकर मदद का भरोसा दिया.

farmer Cries in front of CM Fadanvisfarmer Cries in front of CM Fadanvis
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 23, 2026,
  • Updated Sep 23, 2026, 4:59 PM IST

महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव में कम बारिश से बिगड़ते हालात के बीच किसानों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को धाराशिव के करजखेडा गांव में किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया. किसानों ने फसल नुकसान और आर्थिक संकट के बीच तत्काल राहत देने की मांग रखी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लातूर के निलंगा तहसील और धाराशिव के प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि दोनों जिलों में इस साल सामान्य से करीब 50 फीसदी ही बारिश हुई है. कम बारिश का सबसे ज्यादा असर सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों पर पड़ा है.

भावुक किसान को मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

निलंगा में एक किसान ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी फसल बर्बादी और आर्थिक परेशानी बताते हुए भावुक होकर अपनी स्थिति बताई. किसान ने कर्ज और आर्थिक दबाव का जिक्र करते हुए बताया कि उसके सोने के आभूषण गिरवी रखे हैं. इस दौरान फडणवीस ने किसान को गले लगाकर उसे भरोसा दिया कि सरकार प्रभावित किसानों की मदद करेगी.

फडणवीस ने कहा कि बारिश की कमी के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है और किसानों में चिंता और बेचैनी है. उन्होंने प्रभावित किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और राहत के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

सरकार ने राहत उपाय शुरू किए: CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए सरकार ने काम शुरू कर दिया है और राहत कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे और पंचनामा प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार नहीं कराया जाएगा.

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी एनडीआरएफ के नियमों के तहत सहायता मांगेगी. हालांकि, केंद्र से राशि मिलने का इंतजार किए बिना राज्य सरकार अपने खजाने से तत्काल राहत देना शुरू करेगी.

रबी की तैयारी के लिए भी मिलेगी सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों को रबी सीजन की खेती शुरू करने में मदद दी जाएगी. सरकार पेयजल और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी तैयारी कर रही है. उन्होंने किसानों को जल्द से जल्द प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता देने के प्रयास की बात कही.

फडणवीस ने कहा कि सूखे जैसे हालात को लेकर राज्य सरकार शनिवार से पहले सरकारी निर्णय यानी जीआर जारी करेगी. इसके बाद राहत से जुड़े उपायों को लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता संकट से जूझ रहे किसानों को राहत देना है.

6-7 लाख किसानों के खातों में पहुंचेगी राशि

फडणवीस ने फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन में सामने आई शिकायतों का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बैंकों ने किसानों के बकाया खातों में अतिरिक्त ब्याज जोड़ दिया था. बैंकों को अतिरिक्त ब्याज हटाकर खातों को दोबारा जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब छह से सात लाख किसानों के खातों में सरकार की ओर से राशि जमा की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बारिश का असर जलाशयों, कुओं और भूजल स्तर पर पड़ा है. सरकार ने दिसंबर तक पेयजल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पानी सुरक्षित रखने की व्यवस्था की है और जून तक की जरूरत के लिए भी जल संरक्षण की कोशिश की गई है. 

इसके बावजूद आने वाले समय में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं. फडणवीस ने कहा कि बारिश की कमी का असर सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले समय में पशुओं के लिए चारे और ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या बढ़ सकती है. सरकार दोनों जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यवस्था कर रही है.

'सुपर अल नीनो' को बताया मौसम की चुनौती

देवेंद्र फडणवीस ने मौजूदा स्थिति की गंभीरता के पीछे असामान्य मौसम परिस्थितियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने 'सुपर अल नीनो' के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रकृति ने बड़ी चुनौती खड़ी की है. उन्होंने दोहराया कि सरकार प्रभावित किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल राहत के लिए किया जाएगा.

लातूर और धाराशिव में जल संकट के बीच किसानों की जल ग्रिड परियोजना की मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछली महाविकास आघाड़ी सरकार पर परियोजना को आगे नहीं बढ़ाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जल ग्रिड मराठवाड़ा के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना थी, लेकिन पिछली सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया.

मराठवाड़ा में पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

सीएम फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता मराठवाड़ा क्षेत्र में पानी उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि कम बारिश से पैदा हुए संकट से निपटने के लिए सरकार राहत, पेयजल, चारा और खेती से जुड़े उपायों पर काम कर रही है. धाराशिव के करजखेडा में ग्रामीणों और किसानों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं और जल्द सहायता मिलने की उम्मीद जताई. (पीटीआई)

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