Wheat Procurement: MP में स्‍लॉट बुकिंग की बढ़ी रफ्तार, जानिए गेहूं खरीदी और भुगतान का ताजा हाल

Wheat Procurement: MP में स्‍लॉट बुकिंग की बढ़ी रफ्तार, जानिए गेहूं खरीदी और भुगतान का ताजा हाल

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है, जहां 24 घंटे में करीब 50 लाख टन के स्लॉट बुक होने से व्यवस्था की सक्रियता साफ दिख रही है. खरीदी अवधि बढ़ाने और सुविधाएं बढ़ने के बीच किसानों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है.

MP Wheat Procurement Slot BookingMP Wheat Procurement Slot Booking
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 02, 2026,
  • Updated May 02, 2026, 1:13 PM IST

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद प्रक्रिया में अब तेजी देखी जा रही है. प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पिछले 48 घंटों में करीब 4 लाख किसानों ने 50.51 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक कराए हैं, जो राज्य में जारी खरीदी अभियान की तेज प्रगति का संकेत है. उन्‍होंने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में किसानों को राहत देते हुए गेहूं खरीदी की अवधि को 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक कर दिया है. यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर लिया गया. पहले स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 24 अप्रैल तय थी, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए अब 23 मई तक कर दिया गया है.

खरीद केंद्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएं

एक आध‍िकारिक बयान के मुताबिक, मंत्री ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रत्येक खरीद केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है. साथ ही जिलों को जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है. इसके अलावा एनआईसी सर्वर की क्षमता बढ़ाकर स्लॉट बुकिंग और डेटा प्रोसेसिंग को तेज किया गया है. विभाग द्वारा प्रति घंटे मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि किसी तरह की तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या न आए.

अब तक लाखों किसानों से खरीदा गया गेहूं

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश में 6.04 लाख किसानों से 28.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है. इसके बदले किसानों के खातों में 4812.80 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. खरीदी केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.

तौल और भंडारण के लिए मजबूत इंतजाम

किसानों की उपज का समय पर तौल हो सके, इसके लिए बारदाना (बोरी), तौल कांटे, हम्माल (मजदूर), सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. वहीं, गुणवत्ता जांच उपकरण और सफाई के साधन भी उपलब्ध कराए गए हैं. केंद्रों की व्यवस्थाओं की फोटो रिपोर्ट भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड की जा रही है.

एमएसपी और बोनस के साथ खरीदी जारी

मालूम हो कि राज्य में गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य और 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है. भंडारण के लिए जूट और पीपी/एचडीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है, जिससे खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखा जा सके. प्रदेश में गेहूं खरीदी अभियान 9 अप्रैल से शुरू हुआ था. इसके बाद लगातार बढ़ती किसानों की भागीदारी को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग में विस्तार किया है, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकें.

MORE NEWS

Read more!