
मध्य प्रदेश में इन दिनों गेहूं खरीदी का समय चल रहा है, लेकिन कई जिलों में किसान कम दाम, स्लॉट बुकिंग में परेशानी और तुलाई प्रक्रिया को लेकर शिकायत कर रहे हैं. अब ताजा मामला ग्वालियर के भितरवार से सामने आया है, जहां किसानों और नायब तहसीलदार के बीच झड़प हो गई और अफसर को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा. अब इस मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई की है और जांच चल रही है.
किसान गेहूं बेचने के लिए बुधवार को भितरवार कृषि उपज मंडी पहुंचे थे. किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है. सिर्फ तीन ट्रालियों को 2575 रुपये का भाव मिला और बाकी सब को 2200-2300 का भाव मिल रहा है, जो एमएसपी से काफी कम है. उन्होंने आरोप लगाया कि तुलाई में गड़बड़ी की जा रही है और सही दाम मांगने पर गेहूं की तुलाई ही नहीं की जा रही है. काफी समय से इस तरह की परेशानी झेल रहे किसानों ने मंडी में हंगामा कर दिया.
वहीं, स्थिति बिगड़ने पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हरनाम सिंह से किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं. किसानों का आरोप है कि बातचीत के दौरान तहसीलदार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की, जिससे गुस्सा और बढ़ गया. इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और हंगामा तेज हो गया.
नायब तहसीलदार हरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्वों ने अचानक आकर विवाद को बढ़ाया और उनके साथ मारपीट की. उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका चश्मा छीन लिया गया और उन्हें मुंह में चोट आई. हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें मौके से निकलकर अपनी जान बचानी पड़ी.
किसानों का कहना है कि गेहूं की कीमत सुबह ज्यादा बताई गई, लेकिन बाद में कम रेट पर तौल की जा रही थी. कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रखा गया, टोकन नहीं कट रहे थे और ऑनलाइन सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था. मंडी में पानी, भोजन और अन्य सुविधाओं की कमी को लेकर भी किसानों में नाराजगी रही.
घटना के बाद मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार किसानों को गिरफ्तार किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. (सर्वेश पुरोहित की रिपोर्ट)