सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खबर! भावांतर योजना में 3 अक्टूबर से पंजीयन, जानें कहां और कैसे करें रजिस्ट्रेशन

सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खबर! भावांतर योजना में 3 अक्टूबर से पंजीयन, जानें कहां और कैसे करें रजिस्ट्रेशन

MP Soybean Registration 2026: भावांतर योजना के तहत सोयाबीन किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक होगा. जानें मुफ्त पंजीयन केंद्र, ₹50 शुल्क, आधार वेरिफिकेशन, बैंक खाता और भुगतान से जुड़ी जरूरी जानकारी.

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • Oct 01, 2026,
  • Updated Oct 01, 2026, 9:53 AM IST

मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है. भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के तहत खरीफ वर्ष 2026 यानी विपणन वर्ष 2026-27 में सोयाबीन फसल के लिए किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा.किसानों को अपनी सोयाबीन उपज के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीयन कराना होगा.

किसान ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं.इसके लिए प्रदेश के जिलों में निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं.

कहां होगा मुफ्त पंजीयन?

किसानों के लिए पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर की गई है. इसके अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी किसान बिना शुल्क के पंजीयन करा सकेंगे.

इन जगहों पर लगेगा शुल्क

किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं. इन केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण किया जाएगा और उनका रिकॉर्ड रखा जाएगा.

सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति और सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी. इन श्रेणी के किसानों का राजस्व विभाग द्वारा शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा.

भुगतान के लिए बैंक खाते का रखें ध्यान

सोयाबीन की उपज के भुगतान के लिए किसान का आधार लिंक बैंक खाता प्राथमिकता के आधार पर इस्तेमाल किया जाएगा. अगर आधार लिंक खाते में भुगतान करने में कोई समस्या आती है तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा.पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड देना होगा. अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम बैंक खाते पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे.

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार नंबर के साथ बैंक खाता और मोबाइल नंबर लिंक कराकर उन्हें अपडेट रखें.

आधार वेरिफिकेशन जरूरी

सोयाबीन का पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा.यह वेरिफिकेशन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के जरिए किया जा सकेगा.

किसान का पंजीयन तभी हो सकेगा जब भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा.नाम में अंतर होने पर तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा.

आधार लिंक बैंक खाते का होगा सत्यापन

पंजीयन के दौरान किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए 1 रुपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा.

इसके साथ ही जिला और तहसील स्तर पर आधार पंजीयन केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान अपने मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक संबंधी जानकारी अपडेट करा सकें. पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्रों का भी उपयोग किया जा सकता है.

किसानों को SMS से मिलेगी जानकारी

पिछले खरीफ सीजन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें पंजीयन की जानकारी SMS के माध्यम से दी जाएगी. इसके अलावा गांवों में डोडी पिटवाकर, ग्राम पंचायतों के सूचना पटल, समितियों और मंडियों में बैनर के जरिए भी किसानों को जानकारी दी जाएगी.प्रशासन ने किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है.

 

MORE NEWS

Read more!