Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में 4.42 लाख गेहूं किसानों ने कराया रजिस्‍ट्रेशन, ये है आखिरी तारीख

Wheat Procurement: मध्‍य प्रदेश में 4.42 लाख गेहूं किसानों ने कराया रजिस्‍ट्रेशन, ये है आखिरी तारीख

MP Wheat Procurement Registration: मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन तेज हो गया है. लाखों किसान पहले ही प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं. सरकार ने डिविजनवाइज आंकड़े भी जारी किए हैं. जानिए किस संभाग में सबसे ज्यादा पंजीयन और क्या है आखिरी तारीख...

MP Wheat Procurement RegistrationMP Wheat Procurement Registration
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 26, 2026,
  • Updated Feb 26, 2026, 8:00 PM IST

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन (रजिस्‍ट्रेशन) तेज गति से जारी है. 7 फरवरी से गेहूं उपार्जन के लिए शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया 7 मार्च तक चलेगी. इस बीच, बुधवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं. मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, ताकि समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके.

डिविजनवाइज किसानों के रजिस्‍ट्रेशन के आंकड़े

मंत्री ने जानकारी दी कि पंजीयन व्यवस्था को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं. जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन संभाग में सबसे अधिक एक लाख 48 हजार 905 किसानों ने पंजीयन कराया है. इसके बाद भोपाल डिविजन में एक लाख 9 हजार 134 किसानों ने रजिस्‍ट्रेशन कराया है.

इंदौर डिवि‍जन में 54 हजार 587, जबलपुर में 39 हजार 885, नर्मदापुरम में 34 हजार 181 और सागर डिविजन में 25 हजार 398 किसानों ने रजिस्‍ट्रेशन कराया है. इसके अलावा रीवा डिविजन में 13 हजार 260, ग्वालियर में 9 हजार 695, चंबल में 4 हजार 692 और शहडोल में 2 हजार 551 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है.

रजिस्‍ट्रेशन की स्थिति पर सरकार की नजर

एक सरकारी बयान में कहा है कि सभी डिवि‍जनों में रजिस्‍ट्रेशन की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. मंत्री राजपूत ने बताया कि केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को बिना किसी परेशानी के समर्थन मूल्य का लाभ मिले और उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.

एमएसपी का लाभ लेने के लिए तय समय में पंजीयन कराना अनिवार्य है. रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार कार्ड, भूमि से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक, सक्रिय मोबाइल नंबर और अन्य पहचान पत्र जरूरी होंगे. भुगतान सीधे आधार-लिंक बैंक खाते में किया जाएगा, इसलिए खाते की स्थिति पहले से सही होना जरूरी है.

किसान यहां करा सकते हैं रजिस्‍ट्रेशन

किसान नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय और सहकारी समितियों में करा सकते हैं. वहीं, एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर और साइबर कैफे से शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां अधिकतम 50 रुपये तक शुल्क लिया जा सकता है. बता दें कि पूर्व में जारी एक बयान के अनुसार, मध्‍य प्रदेश सरकार ने इस सीजन के लिए 2600 रुपये भाव तय किया है. यानी किसानों को 2585 रुपये एमएसपी के अलावा 15 रुपये प्रति क्विंटल अति‍रिक्‍त (बोनस राशि) के रूप में मि‍लेंगे. 

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