
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सरकारी केंद्रों पर धान खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों का धरना बुधवार शाम प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद खत्म हो गया. प्रशासन ने गुरुवार, 24 सितंबर से धान की तौल शुरू कराने और 25 सितंबर से किसानों के लिए गेट पास जारी करने पर सहमति जताई है. इसके बाद किसानों ने इसे अपनी जीत बताते हुए हाईवे पर जश्न मनाया. किसान बाराड़ा हाईवे यानी स्टेट हाईवे-4 के पास मंगलवार से धरने पर बैठे थे. उनकी मांग थी कि राज्य सरकार के खरीद केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू की जाए. बुधवार दोपहर किसानों ने हाईवे की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
इसके बाद किसानों को कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से मुलाकात के लिए राजी किया गया. बैठक में प्रशासन और किसानों के बीच धान की खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर सहमति बनी. अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार से धान की तौल शुरू की जाएगी और 25 सितंबर से मंडियों में गेट पास जारी किए जाएंगे.
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिन किसानों का धान पहले ही मंडी में पहुंच चुका है और निर्धारित स्थान पर ढेर के रूप में रखा हुआ है, उनका बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा. इससे किसानों को धान वापस ले जाकर दोबारा मंडी लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. प्रशासन के इस कदम से किसानों पर अतिरिक्त परिवहन खर्च का बोझ भी नहीं आएगा.
प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया. किसानों ने समझौते को अपनी जीत बताया और हाईवे पर नाचकर खुशी जताई. उनका कहना था कि धान की तौल और गेट पास जारी करने की प्रक्रिया शुरू होने से सरकारी खरीद का रास्ता साफ हुआ है.
इससे पहले मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के सदस्यों ने शाहाबाद में दिल्ली-चंडीगढ़ जीटी रोड को जाम कर दिया था. किसान राज्य सरकार के खरीद केंद्रों पर धान की खरीद तत्काल शुरू करने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था.
मंडियों में गेट पास किसानों के लिए जरूरी प्रवेश अनुमति होती है, जिसके जरिए वे सरकारी खरीद के लिए अपनी कृषि उपज मंडी में ला सकते हैं. प्रशासन की ओर से 25 सितंबर से गेट पास जारी करने का निर्णय लिए जाने के बाद किसानों को धान मंडी में लाने और खरीद प्रक्रिया में शामिल कराने की व्यवस्था आगे बढ़ेगी.