Crop Procurement: हरियाणा में कल से सरसों की खरीद, खरीदी सिस्‍टम में बड़ा बदलाव, किसान जान लें ये जरूरी बातें

Crop Procurement: हरियाणा में कल से सरसों की खरीद, खरीदी सिस्‍टम में बड़ा बदलाव, किसान जान लें ये जरूरी बातें

हरियाणा में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी, लेकिन इस बार मंडी व्यवस्था बदली रहेगी. फसल बिक्री के लिए बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य होगी और गेट पास से लेकर नीलामी तक की प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम से जुड़ी रहेगी.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 27, 2026,
  • Updated Mar 27, 2026, 10:51 AM IST

हरियाणा की अनाज मंडियों (सरकारी खरीद केंद्रों) में इस बार खरीद व्यवस्था बदली हुई नजर आएगी. राज्‍य में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होने जा रही है. लेकिन अब खरीद व्‍यवस्‍था में दशकों से चल रही पुरानी प्रणाली में बदलाव करते हुए अब बायोमेट्रिक आधारित सिस्टम लागू किया गया है. नई व्यवस्था के तहत किसान की फसल बिक्री के समय उसकी या परिवार के किसी सदस्य की पहचान बायोमेट्रिक तरीके से सुनिश्चित की जाएगी.

ऑनलाइन सिस्‍टम से जुड़ेंगे ये चरण

सरकार ने एक बयान में कहा कि इस बदलाव का उद्येश्‍य खरीद प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है. अब मंडी में होने वाली ज्यादातर प्रक्रियाएं डिजिटल होंगी. गेट पास, नीलामी और फसल उठान जैसे चरण ऑनलाइन सिस्टम से जुड़े रहेंगे. इससे फर्जीवाड़े की संभावना को कम करने की कोशिश की गई है.

मोबाइल ऐप से जारी होगा गेट पास

नई व्यवस्था में गेट पास केवल मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी होगा. इसके लिए वाहन का नंबर और उसकी फोटो देना अनिवार्य किया गया है. वहीं, किसानों को अपनी फसल बेचने से पहले “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर फसल का विवरण दर्ज करना होगा. हालांकि, मंडी में फसल लाने के लिए अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी.

बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

नीलामी के समय बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रहेगा. किसान खुद या परिवार का कोई सदस्य यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है. इसके अलावा मंडियों में जियो फेंसिंग लागू की गई है, जिसके तहत गेट पास से लेकर जे-फॉर्म तक की सभी प्रक्रियाएं मंडी परिसर के भीतर ही पूरी होंगी. इससे बाहर से फर्जी दस्तावेज बनने की संभावना कम होगी.

फसल उठान में भी बड़ा बदलाव

वहीं, फसल उठान व्यवस्था में भी अहम बदलाव किया गया है. अब वही वाहन लिफ्टिंग कर सकेंगे, जो मंडी क्षेत्र में मौजूद होंगे और उनकी ट्रैकिंग की जाएगी. साथ ही फोटो कैप्चर को भी अनिवार्य किया गया है, ताकि हर चरण की निगरानी सुनिश्चित हो सके.

इस सीजन में राज्य में गेहूं खरीद का लक्ष्य भी बड़ा रखा गया है और सैकड़ों मंडियों और खरीद केंद्रों पर तैयारियां की गई हैं. ऐसे में नई तकनीकी व्यवस्था के साथ यह खरीद सीजन किसानों और प्रशासन दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है.

उधर, बीते दिन राज्‍य सरकार ने रबी मार्कटिंग सीजन के तहत गेहूं के भंडारण को लेकर बड़ा फैसला लिया. सीएम नायब स‍िंह सैनी ने जूट और अन्‍य बैग्‍स (बोरियाें) की खरीद को मंजूरी दे दी. बोरियों की खरीद पर 470 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे गेहूं के उठान और भंडारण में दिक्‍क्‍त नहीं आएगी.

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