
छत्तीसगढ़ सरकार ने धान किसानों को बड़ी राहत दी है. किसानों को फसल बेचने में परेशानी न आए इसलिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन (रजिस्ट्रेशन), कैरी फारवर्ड और फसल-रकबा संशोधन के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त समय का प्रावधान किया है. अब किसान 25 नवंबर 2025 तक अपने संबंधित तहसील कार्यालय पहुंचकर जरूरी एंट्री पूरी कर सकेंगे. पहले इन कामों के लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर तक तय थी, लेकिन किसानों किसानों की सुविधा के लिए एक हफ्ते का और समय दिया गया है. किसानों को ये सुविधाएं केवल तहसील कार्यालयों में ही मिलेगी. राज्य सरकार के आदेश के बाद ज्यादातर जिलों के कलेक्टर एक्टिव हैं और उन्हाेंने तहसीलदारों और संबधित अफसरों को समय से किसानों की मदद करने के निर्देश जारी किए हैं.
बालोद जिले में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करते हुए हर पात्र किसान का पंजीयन समय पर पूरा कराया जाए. उन्होंने कहा कि डूबान क्षेत्र के कृषक, वन पट्टाधारी किसान या वे किसान जिनका नवीन पंजीयन बचा है, वे इस बढ़ी हुई डेडलाइन अवधि का फायदा जरूर उठाएं. इसके लिए तहसील लॉगिन को 25 नवंबर तक एक्टिव किया गया है.
इसी तरह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी पंजीयन की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश जारी किए गए हैं. कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने पेण्ड्रारोड, पेण्ड्रा, मरवाही और सकोला के तहसीलदारों को लेटर जारी कर स्पष्ट किया है कि अधीनस्थ कर्मचारी तय समयसीमा के भीतर सभी पंजीयन और संशोधन सुनिश्चित करें. कृषि विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि धान खरीदी के लिए कुछ डूबान और वन पट्टाधारी कृषकों के कैरी फारवर्ड पंजीयन बचे हैं, जिनकी पूर्ति के लिए यह अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया गया है.
धमतरी जिले में भी प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया है कि पंजीयन, कैरी फारवर्ड और रकबा संशोधन के लिए अतिरिक्त समय का लाभ अधिकतम किसानों तक पहुंचेगा. कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र किसान प्रक्रिया से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि पंजीयन पूर्ण होने के बाद धान खरीदी का कार्य सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से जारी रहे.
राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं. पंजीयन और तकनीकी सहायता के लिए एग्रीस्टैक हेल्पडेस्क 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है. वहीं धान खरीदी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य विभाग का टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 उपलब्ध है.
इस बीच छत्तीसगढ़ में धान खरीदी भी रफ्तार पकड़ रही है. 20 नवंबर को ही 9,00,615 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है. 15 से 20 नवंबर तक राज्य में कुल 23.66 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है. किसानों को समर्थन मूल्य भुगतान की प्रक्रिया भी साथ-साथ चल रही और इसके लिए मार्कफेड ने अपेक्स बैंक को 214.18 करोड़ रुपये जारी किए हैं.
राज्य में 26.50 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है और पंजीकृत रकबा 29.27 लाख हेक्टेयर है. प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि विस्तारित समयसीमा का लाभ उठाते हुए पंजीयन और फसल-रकबा संशोधन की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करें, ताकि धान खरीदी का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके.