तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, ओले गिरने से गेहूं और सरसों की फसल पर मंडराया संकट

तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, ओले गिरने से गेहूं और सरसों की फसल पर मंडराया संकट

राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जयपुर समेत राज्य के 10 से अधिक जिलों में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. वहीं, इस बेमौसम बारिश से गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई.

गेहूं की फसल पर मंडराया संकटगेहूं की फसल पर मंडराया संकट
क‍िसान तक
  • Baran,
  • Feb 19, 2026,
  • Updated Feb 19, 2026, 11:10 AM IST

राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारां शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. बुधवार सुबह से ही आसमान में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और सर्द हवाओं के साथ मावट का दौर शुरू हुआ, जो दिन भर रुक-रुक कर कभी हल्की तो कभी तेज बारिश जारी रहा. बेमौसम हुई इस बारिश और शीतलहर के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त नजर आया. साथ ही इस बारिश ने किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीर खींच दी है.

बारिश के बाद सर्दी ने दोबारा दी दस्तक

पिछले कुछ दिनों से जहां तेज धूप होने लगी थी और गर्मी का अहसास शुरू हो गया था. वहीं, इस बारिश के बाद अचानक सर्दी ने दोबारा दस्तक दे दी है. ऐसे में दिन भर लोग शीतलहर से बचने के लिए अलाव जलाकर तापते नजर आए, वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रजाई कंबल ओढ़कर घरों में दुबके रहे. अचानक बड़ी गलन ने मार्च के करीब आते मौसम में फिर से पौष जैसी ठंड का अहसास करा दिया है.

ओले गिरने से खड़ी फसलों को नुकसान

जिले के शाहाबाद क्षेत्र में झमाझम बारिश और ओले गिरने से खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है. वहीं कई जगह गेहूं की फसल हवा से गिर गई है. मौसम के इस बदलाव ने क्षेत्र के अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है. किसानों ने बताया कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा और साथ में तेज हवाएं चलीं, तो उससे खेतों में खड़ी गेहूं, धनिया और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. तेज हवा से फसलें गिर जाएगी जिससे पैदावार और क्वालिटी दोनों प्रभावित हो सकती है.

बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता

राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जयपुर समेत राज्य के 10 से अधिक जिलों में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जबकि दोपहर बाद जयपुर में अचानक अंधेरा छा गया और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई. चार जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां रबी की फसल तैयार अवस्था में है.

पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट

पिछले 24 घंटे में नागौर, श्रीगंगानगर, पाली, हनुमानगढ़ और चूरू में हल्की बारिश हुई, जबकि नागौर में कुछ स्थानों पर ओले गिरे. श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री की गिरावट के साथ 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में करीब 11 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है और अगले 4-5 दिनों तक 2-4 डिग्री की कमी बनी रह सकती है. मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, 19 फरवरी के बाद मौसम साफ होने और तापमान में फिर बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. फरवरी के दूसरे सप्ताह में बढ़ती गर्मी के बीच आई इस बारिश ने एक बार फिर सर्द हवाओं का अहसास करा दिया है. (राम प्रसाद मेहता की रिपोर्ट)

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