UP में छोटे पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी, बकरी पालन को लेकर फुलप्रूफ प्लान तैयार, पढ़िए रिपोर्ट

UP में छोटे पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी, बकरी पालन को लेकर फुलप्रूफ प्लान तैयार, पढ़िए रिपोर्ट

Goat Farming: पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर के मुताबिक, आने वाले समय में पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित करने की तैयारी है. वहीं, विभाग समय-समय पर गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी. इस पहल से बड़े पैमाने पर बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पशुपालकों की आय तेजी से बढ़ेगी. 

प्रदेश में 8 नए बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं (फोटो क्रेडिट-किसान तक)प्रदेश में 8 नए बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं (फोटो क्रेडिट-किसान तक)
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Jul 31, 2026,
  • Updated Jul 31, 2026, 9:49 AM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशुपालकों के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार छोटे पशुपालकों के लिए भेड़, बकरी और सूकर (सूअर) पालन के लिए विभिन्न योजनाएं व प्रशिक्षण चला रही है. प्रदेश में 8 नए बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र (200 से 500 बकरी क्षमता) स्थापित किए जा रहे हैं. यहां मिल्क कलेक्शन यूनिट, गोट मार्ट और फ़ीड प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी. जबकि उन्नत नस्ल के पशु किफायती दरों पर उपलब्ध हैं. पशुपालक योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकते है. 

200-500 क्षमता वाला बकरी प्रजनन सेंटर

पशुपालन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की आय का एक बेहद मजबूत और भरोसेमंद जरिया है. उप्र पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर ने बताया कि बकरी पालन के क्षेत्र में हमारे दो जनपद ललितपुर और जालौन में प्रजनन किया जाता है. सबसे खास बात है कि योगी सरकार की पहल पर प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए 8 नए सेंटर खोलने की तैयारी है. जहां 200-500 क्षमता के बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र बनाए जाएंगे. यहां गोट मिल्क कलेक्शन यूनिट, गोट मार्ट और फ़ीड प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी. जबकि उन्नत नस्ल के पशु किफायती दरों पर उपलब्ध हैं.

अलग-अलग सूकर नस्ल का पालन

डॉ सुनील कुमार राठौर ने बताया कि प्रदेश में 6 ऐसे केंद्र स्थापित है, जहां अलग-अलग नस्ल के सूकर (सूअर) का पालन किया जा रहा हैं. वहीं प्रजनन के बाद पशुपालकों को काफी रियाती दर पर सूकर उपलब्ध कराया जाता है. 

चंदौली और जालौन में भेड़ प्रजनन केंद्र स्थापित

उन्होंने बताया कि इसी के साथ दो भेड़ प्रजनन केंद्र जनपद चंदौली और जालौन में है. जहां से नाली, चोकला, रैंबुले मेरिनो आदि नस्लों की भेड़ों को पाली जा रही है. वहीं मांग के तहत पशुपालकों को दिया जाता है. जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके. डॉ सुनील कुमार राठौर ने बताया कि इस पहल से सबसे बड़ा फायदा पशुपालकों को होता है, उनको उन्नत नस्ल के पशुओं को मिलने में कोई परेशानी नहीं होता, इन केंद्रों पर असानी से उपलब्ध हो जाता है. वहीं, बकरी, भेड़ और सुअर कम दाम में उनको मिल जाता है. उन्होंने बताया कि इन अलग-अलग पशुओं के नस्ल के जरिए पशुपालक अपने फार्म को और बड़े स्तर से ले जा सकते है. 

पशुपालकों की आय तेजी से बढ़ेगी

पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर के मुताबिक, आने वाले समय में पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित करने की तैयारी है. वहीं, विभाग समय-समय पर गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी. इस पहल से बड़े पैमाने पर बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पशुपालकों की आय तेजी से बढ़ेगी. 

ये भी पढ़ें-

जंगली मक्खी का कहर! 5 भैंसों की मौत से पशुपालकों में दहशत, प्रशासन से मुआवजे की मांग

Fish Disease: एक मछली को हो जाए ये बीमारी तो पूरा तालाब चपेट में आ जाता है

MORE NEWS

Read more!