UP को 'पोल्ट्री हब' बनाने की बड़ी पहल, 36 इन्वेस्टर्स से 2267.42 करोड़ रुपये का हुआ निवेश

UP को 'पोल्ट्री हब' बनाने की बड़ी पहल, 36 इन्वेस्टर्स से 2267.42 करोड़ रुपये का हुआ निवेश

Poultry Conclave 2026: एसीएस पशुपालन मुकेश मेश्राम ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों द्वारा पोल्ट्री फार्मस को नवीनतम तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई गयी है, जिससे उन्हें पोल्ट्री क्षेत्र की समस्याओं एवं चुनौतियों के समाधान में पूरी मदद मिलेगी.

up will become poultry hub investment of 2267.42 crore rupees from 36 investor in poultry conclave lucknowup will become poultry hub investment of 2267.42 crore rupees from 36 investor in poultry conclave lucknow
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Apr 16, 2026,
  • Updated Apr 16, 2026, 8:20 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पहली बार ‘यूपी पोल्ट्री कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया गया है. इस कॉन्क्लेव में देशभर से किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक और पोल्ट्री क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए हैं. कॉन्क्लेव के दूसरे दिन यानी गुरुवार को पोल्ट्री सेक्टर में निवेश के नए अवसरों पर चर्चा हुई. पोल्ट्री कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में आज इन्वेस्टर समिट में मुख्य अतिथि मनोज कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन एवं सीईओ स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, विशिष्ट अतिथि संजय भूसरेड्डी आईएएस एमडी रेरा तथा मुकेश मेश्राम अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में शुभारंभ किया गया.

पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

इस अवसर पर बड़ी संख्या में कृषकों/उद्यमियों द्वारा पोल्ट्री उद्योग में रूचि दिखाई गयी एवं इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव, पशुधन मुकेश मेश्राम के उपस्थित 36 पोल्ट्री इन्वेस्टर्स से एमओयू कराते हुए 2267.42 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए. उन्होंने कहा कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरणा एवं पशुधन मंत्रीधर्मपाल सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह कॉन्क्लेव प्रदेश को पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

पोल्ट्री क्षेत्र की समस्याओं एवं चुनौतियों पर चर्चा

एसीएस पशुपालन मुकेश मेश्राम ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों द्वारा पोल्ट्री फार्मस को नवीनतम तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई गयी है, जिससे उन्हें पोल्ट्री क्षेत्र की समस्याओं एवं चुनौतियों के समाधान में पूरी मदद मिलेगी.

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम

कॉन्क्लेव में उपस्थित अतिथिगणों द्वारा विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई एवं प्रदेश में अंडा उत्पादन की कमी को दूर करते हुए पोल्ट्री के सेक्टर में ग्रोथ के साथ-साथ भविष्य में इस क्षेत्र में प्रदेश को निर्यात बनाए जाने की दृष्टिकोण के विषय पर भी विचार विमर्श किया गया.

उप्र कुक्कुट विकास नीति-2022 से मिला लाभ

कॉन्क्लेव में उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकी चुनौतियों, संभावनाओं एवं नवाचारों पर मार्गदर्शन दिया गया और गहन विचार विमर्श किया गया. प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं वित्तीय सहायता एवं व्यवहारिक समाधान पर भी जानकारी दी गयी. कार्यक्रम के माध्यम से हितधारकों ने नेटवर्किंग निवेश के अवसराों एवं आधुनिक तकनीकों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त की.

डॉक्टर मेमपाल सिंह, निदेशक उप्र पशुपालन विभाग तथा उदय सिंह बयास, प्रेसिडेंट, आईपीईएमए

कार्यक्रम में आये किसानों एवं उद्यमियों को उप्र कुक्कुट विकास नीति-2022 के लाभों से भी अवगत कराया गया. इस आयोजन के माध्यम से पोल्ट्री सेक्टर की वृद्धि को गति मिलेगी और प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

बैकयार्ड पोल्ट्री पर विशेष रहा फोकस

इस कार्यक्रम में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग पर खास फोकस रहा. पोल्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे लेवल पर मुर्गी पालन गावों में रोजगार और अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन सकता है. वहीं कम लागत में शुरू होने वाला यह मॉडल छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकता है.इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें किसान, हैचरी मालिक, स्टार्टअप, वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक सभी एक मंच पर मौजूद रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे पोल्ट्री उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है.

ये भी पढ़ें-

Poultry Conclave: उत्तर प्रदेश भी बनेगा देश में नंबर-1 अंडा उत्पादन वाला राज्य, पोल्ट्री क्षेत्र में होंगे बड़े निवेश

Goat Farming: कम खर्च में शुरू करें बकरी पालन, इस तरीके से करें मेमनों की देखभाल

MORE NEWS

Read more!