Bakrid-Bakra: अभी से पालें ये चार खास नस्ल के बकरे, बकरीद पर मिलेंगे अच्छे दाम

Bakrid-Bakra: अभी से पालें ये चार खास नस्ल के बकरे, बकरीद पर मिलेंगे अच्छे दाम

Bakrid-Bakra बकरीद की जरूरत का बकरा पांच शर्तों पर खरा उतरना चाहिए. तब ही वो बाजार में बिक पाता है. और अगर पशु पालक इन पांच शर्तों को पूरा करता है तो फिर उसे बकरे के अच्छे दाम मिल जाते हैं. 5 शर्तों में एक बड़ी शर्त ये भी है कि बकरे का हेल्दी और मोटा-ताजा होना बेहद जरूरी है. और बकरों की कई ऐसी नस्ल हैं जिनके बकरे इन शर्तों को पूरा करते हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 05, 2026,
  • Updated Jun 05, 2026, 9:10 AM IST

बकरी पालक पूरे साल बकरे पालकर एक खास महीने का इंतजार करते हैं. ये वो महीना है जब बकरे हाथों-हाथ मुंह मांगे दाम पर बिक जाते हैं. आपको शायद यकीन न हो, लेकिन इस खास महीने में 2.5 करोड़ से ज्यादा बकरों की खरीद-फरोख्त होती है. और ये मौका होता है बकरीद का. बकरीद पर बकरों की कुर्बानी दी जाती है. गोट एक्सपर्ट की मानें तो बकरी पालक इस मौके पर बकरे बेचकर पूरे साल का खर्च इसी महीने में कमा लेते हैं. बकरा अगर कुर्बानी की शर्तों को पूरा करता है तो वो अच्छे दामों पर बिक जाता है.

इतना ही नहीं देश के स्थानीय बाजारों में और कोलकाता में दुर्गा पूजा के मौके पर बकरों की डिमांड किसी से छिपी नहीं है. बकरीद से कई दिन पहले लाखों बकरे दूसरे देशों को को भी एक्सपोर्ट किए जाते हैं. अगर मीट के लिए अच्छी‍ मानें जाने वाली नस्ल के बकरों को अच्छे तरीके से पाला जाए तो वो मोटा मुनाफा देते हैं. इसके लिए एक्सपर्ट बकरों की चार खास नस्ल को पालने की सलाह देते हैं. ये वो नस्ल हैं जिनकी बकरीद के बाजार में खासी डिमांड रहती है. 

बकरीद के लिए अच्छे माने जाते हैं ये बकरे 

वैसे तो देश में बकरे-बकरियों की करीब 37 नस्ल पाई जाती हैं. लेकिन मीट के लिए कुछ खास नस्ल के बकरों की डिमांड साल के 12 महीने रहती है. बंगाल का ब्लैक बंगाल, पंजाब का बीटल बकरा भी डिमांड में रहता है. इसके अलावा और भी नस्ल हैं जो मीट के लिए पाली जाती हैं.

बरबरा- 

इस नस्ल के बकरे की हाइट दो से ढाई फुट तक होती है. हाइट ज्यादा न होने से खूब मोटा ताजी दिखता है. एक साल की उम्र में ये कुर्बानी के लिए तैयार हो जाता है. इसके कान छोटे और खड़े होते हैं. ये आगरा, इटावा, फिरोजाबाद, मथुरा और कानपुर में पाया जाता है. इस बकरे के रेट कम से कम 10 हजार रुपये से शुरु होते हैं. रविवार को ही आगरा के बाजार में इसी नस्ल के तीन बकरे 1.60 लाख रुपये के बिके हैं. 

सिरोही- 

ये ब्राउन और ब्लैक कलर में पाया जाता है. इस पर सफेद रंग के धब्बे होते हैं. इस नस्ल का बकरा दिखने में खासा ऊंचा होता है. ये नस्ल सिर्फ राजस्थान में ही पाई जाती है. ये बकरा बाजार में कम से कम 12 से 15 हजार रुपये में मिल जाता है. 

तोतापरी- 

इस नस्ल का बकरा पतला और लम्बा होता है. ऊंचाई कम से कम 3.5 से 4 फुट तक होती है. बाजार में बिकने के लिए तैयार होने में ये कम से कम 3 साल लेता है. ये नस्ल हरियाणा के मेवात और राजस्थान के भरतपुर जिले में पाई जाती है. इसकी बिक्री 12 से 13 हजार रुपये से शुरु होती है. 

जमनापारी- 

जमनापारी नस्ल यूपी के इटावा में मिलती है. ये लम्बा होता है और इसके कान मीडियम साइज के होते हैं. दिखने में मोटा और भारी होता है. इसके कान पर काला धब्बा जरूर होता है. ये 12 से 20 हजार रुपये में आसानी से मिल जाता है. 

ये हैं बकरों की बड़ी मंडी- जसवंत नगर (यूपी), कालपी (मध्य प्रदेश), महुआ, अलवर (राजस्थान) और मेवात (हरियाणा), बकरों की बड़ी मंडी हैं. यहां से देश में ही नहीं विदेशों में भी बकरा जाता है. 

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