
खुरपका-मुंहपका (FMD) गाय-भैंस की जानलेवा बीमारी है. इस बीमारी के चलते पशुओं की जान पर बन आती है तो पशुपालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है. ये संक्रमण से होने वाली बीमारी है. वहीं बारिश के दौरान ये तेजी से फैलती है. ये बीमारी ऐसे पशुओं को होती है जिनके खुर होते हैं और खुर के बीच में जगह होती है. एफएमडी बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी है कि हमे उसके लक्षण पता हों. साथ ही उसके फैलने की वजह पता हों जिससे उन्हें कंट्रोल किया जा सके.
साथ ही अगर किसी पशु को ये बीमारी हो जाए तो उस वक्त क्या करना चाहिए इस बात की जानकारी भी होना बहुत जरूरी है. क्योंकि वक्त रहते लक्षण पता चल जाएं और कुछ उपाय अपना लिए जाएं तो फिर इस बीमारी की रोकथाम की जा सकती है. वहीं ऐसा करने से गाय की जान भी नहीं जाएगी. और पशुपालक दोहरे नुकसान से भी बच जाएगा.
एनिमल साइंटिस्ट, सीआईआरबी डॉ. सज्जन सिंह का कहना है कि एफएमडी दुधारू पशु गाय-भैंस, भेड़-बकरी में तो होती है साथ में घोड़े जैसे पशुओं में भी होती है. इसीलिए इसके लक्षणों की पहचान करना बहुत जरूरी है. क्योंकि जैसे ही आप लक्षण पहचान लेंगे तो उसे फैलने से रोकने के लिए जरूरी उपाय भी अपना लेंगे.
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