पंजाब की खास नस्ल वाली बकरी देती है सबसे ज्या‍दा दूध, जानें डिटेल

पंजाब की खास नस्ल वाली बकरी देती है सबसे ज्या‍दा दूध, जानें डिटेल

बकरियों की करीब 37 अलग-अलग नस्ल हैं. इसमे से कुछ दूध के लिए पाली जाती हैं तो कुछ मीट के लिए. कुछ नस्ल ऐसी भी हैं जो दूध और मीट दोनों के लिए ही पाली जाती हैं. लेकिन 37 में से 7 नस्ल ही सिर्फ ऐसी हैं जो दिनभर में एक लीटर या एक लीटर से ज्यादा दूध देती हैं.

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नासि‍र हुसैन
  • Noida ,
  • Dec 07, 2022,
  • Updated Dec 07, 2022, 7:58 AM IST

बकरी पालन खासतौर पर दूध और मीट के लिए किया जाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी बकरी पालन को दो रोटी मिलने का जुगाड़ माना जाता है. लेकिन दूध और मीट के चलते अब शहरों में भी गोट फार्मिंग के नाम से लाखों रुपये लगाकर बकरी पालन किया जा रहा है. बकरी अब गरीब की गाय के नाम से नहीं जानी जाती है. मीट के साथ ही अब बकरी के दूध की डिमांड भी बहुत बढ़ गई है. कई बीमारियों में डॉक्टर बकरी का दूध पीने की सलाह देने लगे हैं. कई बड़े शहरों में ऑनलाइन ऑर्डर करने के बाद दूध की होम डिलेवरी हो रही है.

बकरी पालन सिखाने और बकरियों पर रिसर्च करने वाले सरकारी संस्थानों के मुताबिक देश में इस वक्त. बकरियों की करीब 37 अलग-अलग नस्ल हैं. इसमे से कुछ दूध के लिए पाली जाती हैं तो कुछ मीट के लिए. कुछ नस्ल ऐसी भी हैं जो दूध और मीट दोनों के लिए ही पाली जाती हैं. दो खास नस्ल ऐसी भी हैं जिनसे पश्मीना भी मिलता है. लेकिन 37 में से 7 नस्ल ही सिर्फ ऐसी हैं जो दिनभर में एक लीटर या एक लीटर से ज्यादा दूध देती हैं.

दिनभर में सबसे ज्यादा दूध देती है बीटल 

मथुरा, यूपी में बकरियों का ब्रीडिंग सेंटर चला रहे राशिद बताते हैं, बकरियों की 37 नस्ल में से सिर्फ बीटल नस्ल ही ऐसी है जो सबसे ज्यादा दूध देती है. बीटल नस्ल की एक बकरी दिनभर में तीन से चार लीटर तक दूध देती है. यह नस्ल‍ खासतौर पर पंजाब में पाई जाती है. इसे मीट के लिए भी पाला जाता है. यह दिखने में ऊंची होती है. यह हमेशा पतली छरहरी रहती है. जिसके चलते इसके बदन पर चर्बी कम ही चढ़ती है. इस वजह से भी इसे मीट के लिए पसंद किया जाता है.

यह हैं एक दिन में 2 लीटर और उससे ज्यादा दूध देने वाली नस्ल

गोट फार्मर राशिद के मुताबिक बकरियों में जखराना, सिरोही, तोतापरी, सोजर और श्रुति ऐसी नस्ल हैं जो दिनभर में 2 से तीन लीटर दूध देती हैं. इसके अलावा अरब देशों में खासतौर पर मीट के लिए पसंद की जाने वाली बरबरी ऐसी बकरी है जो दिनभर में एक से 2.5 लीटर तक दूध देती है. वहीं मीट के लिए ही पसंद की जाने वाली ब्लैक बंगाल 750 ग्राम तक रोजाना दूध देती है. ब्लैक बंगाल एक बार में तीन से चार तक बच्चे देती है.

बकरियां और दूध उत्पादन पर एक नजर 

साल 2019 की पशु जनगणना के मुताबिक देश में बकरे-बकरियों की कुल संख्या करीब 15 करोड़ है. बकरियों में ब्लैक बंगाल, मारवाड़ी और बरबरी नस्ल की तदाद ज्यादा है. कुछ दूध देने वाली बकरियों की संख्या करीब 3.63 करोड़ है. देश के कुल दूध उत्पादन में बकरयिों के दूध की हिस्सेदारी 3 फीसद है. साल 2020-21 में बकरियों से 62.62 लाख मीट्रिक टन दूध का उत्पादन हुआ था. 

 

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