
तालाब में पलने वाली मछलियों के लिए जितना फीड (दाना) जरूरी है उतना ही पानी भी. तालाब का पानी अगर साफ-स्वच्छ है और उसमे आक्सीजन की भरपूर मात्रा है तो फिर मछलियों की ग्रोथ तेजी से होगी. मछलियों का वजन भी बढ़ेगा. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि बरसात के दिनों में भी खासतौर से तालाब के पानी पर नजर रखी जाए. अगर तालाब का पानी हरा होता हुआ दिखाई दे तो फौरन अलर्ट हो जाएं. क्योंकि तालाब के पानी का हेल्दी होना बहुत जरूरी होता है. पानी के साथ ही मछलियों की हैल्थ जुड़ी होती है. पानी अच्छा होता है तो मछलियों को कोई बीमारी भी नहीं होती है.
मछलियों के तालाब को हेल्दी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि तालाब में मछली का बीज डालने से पहले तालाब से जलीय खरपतवार को बाहर निकाल दिया जाए. खर-पतवार निकालने के लिए मजदूरों की मदद ली जा सकती है. जाल से भी इसको निकाला जा सकता है. रासायनिक दवा का छिड़काव करके भी खरपतवार को साफ किया जा सकता है.
तालाब का पानी अच्छा रखना चाहिए. मछलियों की हैल्थ अच्छी होगी तो मछलियां तेजी से ग्रोथ करेंगी. तेजी से उनका वजन बढ़ेगा. उन्हें कोई बीमारी भी नहीं होगी. इसके लिए मछलियों के तालाब और नर्सरी तालाब की देखभाल करनी चाहिए. तालाब में कब जरूरत के हिसाब से क्या डालना है इसकी जानकारी होनी चाहिए. फिशरीज एक्सपर्ट की मानें तो अगर इन सब चीजों का ध्यान ना रखा जाए तो मछली की ग्रोथ तो रुकती ही है, साथ में मछलियां बीमार होकर मरने भी लगती हैं.
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