Ghee-Butter: इन 4 नस्ल की भैंस के दूध को घी-मक्खन बनाने में माना जाता है अच्छा 

Ghee-Butter: इन 4 नस्ल की भैंस के दूध को घी-मक्खन बनाने में माना जाता है अच्छा 

Ghee-Butter यूपी-एमपी में पाई जाने वाली भदावरी भैंस, गुजरात की जाफराबादी, यूपी-हरियाणा की मुर्रा और हरियाणा-पंजाब की नीली रावी नस्ल की भैंस के दूध में सबसे ज्यादा फैट पाया जाता है. फैट के मामले में पहले नंबर पर भदावरी भैंस है. जिस दूध में जितना ज्यादा फैट होगा उससे उतना ही बढि़या घी-मक्खन बनेगा. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 03, 2026,
  • Updated Jun 03, 2026, 2:59 PM IST

देश में घी-मक्खन का बड़ा बाजार है. घी-मक्खन डेयरी के खास प्रोडक्ट में शामिल हैं. ये कहना भी गलत नहीं होगा कि घी-मक्खन हमारी संस्कृति का भी हिस्सा रहे हैं. यूपी का ब्रज क्षेत्र तो दूध-दही, घी के लिए ही जाना जाता है. अगर आज की बात करें तो कुछ देश ऐसे हैं जहां भारतीय घी-मक्खन को ही पसंद किया जाता है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो देश में भैंसों की चार नस्ल ऐसी हैं जिनके दूध को घी-मक्खन बनाने में बहुत अच्छा माना जाता है. 

उसकी बड़ी वजह है दूध में फैट की अच्छी मात्रा का होना. यही वजह है कि घी-मक्खन बनाने में इनका दूध पहले इस्तेमाल किया जाता है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो दूध में जितनी ज्यादा मात्रा फैट की होगी तो घी-मक्खन उतना ही अच्छा बनेगा. वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक देश में घी और मक्खन का करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार है.

फैट के मामले में नंबर वन है भदावरी भैंस

भदावरी भैंस के दूध को फैट के मामले में नंबर वन माना जाता है. भदावरी भैंस यूपी में आगरा-इटावा और मध्य प्रदेश में भि‍ड और मुरैना में पाई जाती है. इसके रंग के चलते भदावरी को भूरी भैंस भी कहा जाता है. डेयरी एक्सपर्ट के मुताबिक भदावरी भैंस के दूध में 8 से 13 फीसद तक फैट पाया जाता है. एक सरकारी विभाग की ओर से हुई रिसर्च में भी भदावरी भैंस के दूध में सबसे ज्यादा फैट होने की बात कही गई है. 

दूसरे नंबर पर है जाफराबादी

दूध में फैट के मामले में भदावरी भैंस के बाद दूसरा नंबर जाफराबादी भैंस का आता है. जाफराबाद भैंस मूल रूप से गुजरात में पाई जाती हैं. डेयरी एक्सपर्ट के मुताबिक जाफराबादी भैंस के दूध में 7 से 9 फीसद तक फैट पाया जाता है. पालन में जाफराबादी भैंस को भी खूब पसंद किया जाता है. 

तीसरे नंबर पर आती है मुर्रा

मुर्रा नस्ल की भैंस से हर कोई वाकिफ है. मुर्रा भैंस देश में सबसे ज्यादा हरियाणा और यूपी में हैं, लेकिन आज कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु आदि बहुत सारे राज्यों में मुर्रा पाली जा रही हैं. मुर्रा के दूध को भी फैट के मामले में बहुत अच्छा माना जाता है. डेयरी एक्सपर्ट के मुताबिक मुर्रा के दूध में 7 से 8 फीसद फैट पाया जाता है. 

नीली रावी का दूध भी है सुपर

नीली रावी नस्ल की भैंस का मूल स्थान तो पाकिस्तान में है, लेकिन भारत के पंजाब में इसे बड़ी संख्या में पाला जाता है. हरियाणा में भी नीली रावी की बहुत डिमांड रहती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि नीली रावी के दूध में 6 से 8 फीसद तक फैट होता है.      

भारत में घी-मक्खन का बाजार 

  • भारत का डेयरी सेक्टर 14 लाख करोड़ रुपये का है. 
  • कुल घी का कारोबार 3.5 से चार लाख करोड़ का है. 
  • 2032 तक घी कारोबार सात लाख करोड़ का हो सकता है. 
  • देश में मक्खन का बाजार 55 से 60 हजार करोड़ रुपये का है. 
  • 2032 तक मक्खन बाजार एक से सवा लाख करोड़ का हो सकता है. 
  • भारत में मक्खन का कुल उत्पादन करीब 60 लाख टन है. 
  • भारत में विश्व के कुल मक्खन उत्पादन का 58 फीसद उत्पादन होता है. 
  • विश्व मक्खन उत्पादन में यूरोपीय संघ का 18, यूएसए 8 और न्यूजीलैंड 4 फीसद का योगदान है. 

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