
मध्य प्रदेश (एमपी) में पशुपालकों के अच्छे दिन आने वाले हैं. एमपी सरकार इसके लिए डेयरी और पशुपालन सेक्टर में 7 बड़े काम करने जा रही है. ये सारी कोशिश पशुपालन को ज्यादा से ज्यादा मुनाफे वाला बनाने के लिए हो रही है. इसके लिए हाल ही में एमपी सरकार की एमपी स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (MPSCMF) और नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक अहम करार हुआ है. इस करार का बड़ा फायदा एमपी की राज्य दुग्ध सहकारी समिति सांची को मिलेगा. गौरतलब रहे बीते साल भी एनडीडीबी और एमपी सरकार के बीच डेयरी और पशुपालन को लेकर एक करार हुआ था.
ये करार या समझौता ऐसे वक्त में हो रहा है जब बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर भाई चौधरी सभी राज्यों से ये मांग कर रहे हैं कि वो कोऑपरेटिव को फ्रीडम दें, उनकी जिम्मेदारी तय करें, कोऑपरेटिव में प्रोफेशनल को लेकर आएं. एनुअल जनरल मीटिंग आयोजित कर पारदर्शिता बनाएं और क्वालिटी से बिल्कुल भी समझौता नहीं करें.
एमपी के पशुपालकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए सात पॉइंट पर काम कर रहे हैं. इसके लिए हम दूध उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रहे हैं. प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर ज्यादा जोर है. जो गाय एक लीटर तक दूध दे रही हैं उनका नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत उत्पादन बढ़ाया जाएगा. दूध की क्वालिटी पर काम किया जा रहा है. दूध की सहकारी खरीद को बढ़ाने पर काम हो रहा है. अभी ज्यादातर पशुपालक प्राइवेट डेयरियों को दूध बेचते हैं.
इसलिए ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों को दुग्ध सहकारी समितियों से जोड़ने पर काम हो रहा है. खरीद के साथ ही दूध की टेस्टिंग हो इसके लिए साधन जुटाने का काम हो रहा है. दूध का पेमेंट पशुपालकों को समय से और जल्द से जल्द मिल जाए, इसके लिए टेक्नोलॉजी अपनाने की कोशिश चल रही है. न्यूट्रीशन की कमी को पूरा करने के लिए फीड प्लांट और क्वालिटी का फीड उपलब्ध कराने की कोशिश हो रही है.
सरकार का कहना है कि हमने 7 पॉइंट के प्लान को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पशुपालकों को कुछ खास और बड़ी सुविधाएं देने का रोडमैप भी तैयार किया है. दूध का उत्पादन बढ़ाने और दूध की क्वालिटी बढ़ाने के लिए हम पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, एम्ब्रियो ट्रांसप्लांट (भ्रूण स्थानांतरण) और सैक्स सॉर्टेड सीमन की सुविधा उनके दरवाजे तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं.
पशु बीमार हो तो उसे जल्द से जल्द पशुओं के बाड़े में ही इलाज मिल जाए इसके लिए पशु चिकित्सक (वेटरिनेरियन) पर भी काम हो रहा है. साथ ही उसके पशुओं के गोबर का इस्तेमाल बायोगैस में करके उसका मुनाफा बढ़ाने की कोशिश की जाएगी.
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