
पोल्ट्री फार्म अंडों के लिए खोला गया हो या फिर चिकन उत्पादन के लिए, दोनों के लिए ही सबसे पहले नए चूजों की जरूरत होती है. और ऐसा भी नहीं है कि नए चूजे सिर्फ एक बार ही खरीदे जाते हों, चिकन उत्पादन के लिए दो महीने बाद तो अंडा उत्पादन के लिए करीब तीन साल बाद नए चूजों की जरूरत होती है. लेकिन मौजूदा बदलते मौसम में पोल्ट्री फार्म के लिए नए चूजे खतरनाक हो सकते हैं. क्योंकि पोल्ट्री हैचिंग फार्म से एक दिन के चूजे बिकते हैं. अब एक दिन के चूजों को ट्रांसपोर्ट कर पोल्ट्री फार्म लाना और फिर फार्म में रखकर उन्हें बड़ा करना, दोनों ही काम बहुत ही मुश्किल होते हैं.
पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो मुर्गी बहुत ही सेंसेटिव बर्ड होती है. जल्दी तनाव में आ जाती है. फिर चाहें बदलता मौसम ही क्यों ना हो. अगर मुर्गी तनाव में आ जाए तो सबसे पहले उत्पादन घट जाता है. मुर्गे-मुर्गी के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए मुर्गी के खानपान से लेकर शेड मैनेजमेंट पर पैनी नजर रखना जरूरी हो जाता है.
मुर्गियों के डॉक्टर और जाने-माने पोल्ट्री एक्सपर्ट डॉक्टर एनके महाजन ने चूजों की देखभाल से जुड़े कुछ खास टिप्स साझा किए हैं.
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