Green Fodder and Water: गर्मियों में हरे चारे से भी पशुओं में पानी की कमी पूरी होती है, पढ़ें डिटेल 

Green Fodder and Water: गर्मियों में हरे चारे से भी पशुओं में पानी की कमी पूरी होती है, पढ़ें डिटेल 

Green Fodder and Water एक किलो हरे चारे में औसत तीन से चार लीटर तक पानी होता है. अगर पशुओं को पानी पिलाने में कहीं कोताही होती भी है तो हरा चारा उसकी भरपाई कर देता है. लेकिन हरा चारा खि‍लाने में भी बहुत ऐहतियात बरतने की जरूरत होती है. अगर पानी के साथ हरा चारा थोड़ा सा भी ज्यादा हो गया तो पशुओं को पेट संबंधी अफरा जैसी बीमारी हो जाती हैं.

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 03, 2026,
  • Updated Jun 03, 2026, 9:00 AM IST

वैसे तो 35 डिग्री से ऊपर का तापमान भी पशुओं के लिए नुकसानदायक माना जाता है. लेकिन गर्मियों के दौरान खासतौर पर उत्तर भारत में पारा 40 और 45 डिग्री को भी पार कर जाता है. ऐसे में पशुओं को हीट स्ट्रैस और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियां होने लगती हैं. हीट स्ट्रैस के चलते पशुओं में पानी की कमी होती है और यही परेशानी डिहाइड्रेशन का रूप ले लेती है. पशुओं को गर्मियों में कितना पानी पीने के लिए देना चाहिए ये मानक तय हैं और पशुपालकों को भी इसकी जानकारी होती है. बावजूद इसके कभी लापरवाही के चलते तो कभी पानी की कमी के चलते ये परेशानियां होने लगती हैं. 

गर्मियों के दौरान पशुपालन में पानी की बहुत जरूरत होती है पशुओं को पानी पिलाने से लेकर उन्हें दिन में कई बार नहलाने तक के लिए पानी चाहिए होता है. लेकिन जब पानी की कमी होती है तो उसका सबसे पहले असर पीने के पानी की जरूरत पर पड़ता है. इसीलिए पानी की कमी में हरे चारे का महत्व बताया गया है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो हरा चारा भी पशुओं में पानी की कमी को पूरा करता है. 

रोजाना चाहिए 30 से 70 लीटर पानी

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि दूध देने वाली गाय और भैंस के लिए पानी की खूब जरूरत होती है. क्योंकि पानी की कमी का असर दूध उत्पादन पर भी पड़ता है. गाय अगर दूध दे रही है तो दिनभर में उसे कम से कम 30 से 50 लीटर पानी पीने के लिए चाहिए. वहीं अगर भैंस दूध दे रही है तो उसे दिनभर में 40 से 70 लीटर पानी की जरूरत होती है. गर्मियों में जमीन से निकला सामान्य पानी पिलाना चाहिए. नल की सप्लाई वाला पानी है तो वो गर्म नहीं होना चाहिए. करना तो ये चाहिए साफ हौज या बर्तन में सामान्य तापमान वाला पानी पशु के सामने ही रख देना चाहिए, जिससे जब भी उसे प्यास लगे तो वो जरूरत के हिसाब से पी ले. 

पशु के लिए क्यों जरूरी है पानी 

चारा और भोजन पाचने में मददगार होता है. 
शरीर के अलग-अलग जरूरतमंद हिस्सों की पूर्ति हो जाती है. 
मूत्र के माध्यम से अवांछनीय और विषैले तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं.
गर्मियों के दौरान पानी शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करता है.
दूध में करीब 85 फीसद पानी होता है, इसलिए एक लीटर दूध पर ढाई लीटर पानी चाहिए.

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