Poultry Farm Care: पोल्ट्री फार्म में कभी नहीं होंगी बर्ड फ्लू-रानी खेत बीमारी, अपनाएं एक्सपर्ट के ये 20 टिप्स 

Poultry Farm Care: पोल्ट्री फार्म में कभी नहीं होंगी बर्ड फ्लू-रानी खेत बीमारी, अपनाएं एक्सपर्ट के ये 20 टिप्स 

Poultry Farm Care क्लाइमेट चेंज के चलते अब मुर्गियां आए दिन किसी ना किसी बीमारी की चपेट में आती रहती हैं. लेकिन पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका पोल्ट्री फार्म में लगातार इस्तेमाल करने से मुर्गियों की मौत और बीमारी पर होने वाले खर्च से बचा जा सकता है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 16, 2026,
  • Updated Jul 16, 2026, 3:21 PM IST

आमतौर पर दो तरह के पोल्ट्री फार्म ज्यादा देखने को मिलते हैं. एक अंडा देने वाली मुर्गी का और दूसरा चिकन के लिए पाले जाने वाले मुर्गों का. लेकिन बीमारी फार्म का फर्क नहीं करती है. बीमारियां दोनों की एक जैसी ही हैं. बीमारियां भी इतनी खतरनाक हैं कि जब ये होती हैं तो पूरा पोल्ट्री फार्म साफ हो जाता है. खासतौर पर पोल्ट्री फार्मर को जो दो बड़ी बीमारियां सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं वो बर्ड फ्लू और रानी खेत हैं. रानी खेत से मुर्गियां थोड़ी-थोड़ी करके मरती हैं, जबकि जब बर्ड फ्लू फैलता है तो एक ही बार में पूरा का पूरा पोल्ट्री फार्म साफ हो जाता है. 

सब मुर्गे-मुर्गियां कर जाते हैं. पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो ये बीमारयिां संक्रमण के चलते होती हैं. इससे बचने के लिए जरूरी है कि पोल्ट्री फार्म में कूड़ा, खराब अंडे, अंडे के उत्पाद, घास, फीड, पंख और अंडे की ट्रे को वक्त रहते नष्ट कर दें. कूड़े के साथ मरी हुई मुर्गियों को दफनाने के साथ ही जला सकते हैं. लेकिन ऐसी जगहों पर पानी जमा ना होने दें. नुकसान कम करने के लिए बायो सिक्योरिटी का पालन भी किया जा सकता है. 

पोल्ट्री फार्म और उपकरणों की सफाई 

  • हैचरी, अंडा स्टोर रूम, पैकेजिंग रूम, अंडा ट्रॉली, अंडा उत्पाद प्लांट को ठीक से कीटाणुरहित किया जाता रहना चाहिए.
  • मुर्गियों, अंडों की ढुलाई, पोल्ट्री फीड की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी कीटाणुरहित किया जाना चाहिए.
  • फार्म में जहां संक्रमण फैला हो वहां दीवारों, फर्श और छतों की धुलाई और कीटाणुशोधन किया जाना चाहिए.
  • मुर्गियों के केज (पिंजरे) को हीट देकर कीटाणुरहित किया जा सकता है.
  • फार्म में पानी पीने और फीड खाने वाले उपकरण को कम से कम 48 घंटों तक धोया जाना चाहिए. कीटाणुनाशक ट्रीटमेंट भी देना चाहिए.
  • फार्म में जहां पीने का पानी स्टोर किया जाता है उसे भी खाली कर अच्छी तरह से धोना और कीटाणुरहित किया जाना चाहिए. 
  •  फीड टैंक (साइलो) को खाली करके गर्म पानी के प्रेशर पंप से धोना चाहिए.
  •  धोने और कीटाणुरहित करने के बाद फार्म की सभी यूनिट को कम से कम दो सप्ताह में दो बार धूम्रीकरण करना चाहिए. 
  • फार्म के मजदूरों और आने वाले अधिकारियों के हाथ, पैर साफ करने के लिए रेक्टिफाइड स्पिरिट या सेवलॉन, डेटॉल का इस्तेमाल करना चाहिए.  
  • जूते साफ करने के लिए फुट मैट पर एंट्री गेट के पास ही NaOH के 2 फीसद घोल का इस्तेमाल करना चाहिए.
  • ही NaOH के 2 फीसद घोल का इस्तेमाल गमबूट और अन्य वस्तुओं को साफ करने के लिए भी किया जा सकता है. 
  • सोडियम हाइपोक्लोराइट: 2 फीसद सक्रिय क्लोरीन घोल (उपकरणों को कीटाणुशोधन करने के लिए).
  • क्वाटरनेरी अमोनियम लवण: 4 फीसद घोल (दीवारों, फर्शों, छतों और उपकरणों को ट्रीट करने के लिए).
  • कैल्शियम हाइड्रोक्साइड: 3 फीसद घोल (दीवारों और फर्शों का उपचार करने के लिए).
  • क्रेसोलिक एसिड 2.2 फीसद घोल: (फर्श का उपचार करने के लिए).
  • सिंथेटिक फिनोल 2 फीसद घोल: (फर्शों का उपचार करने को).
  • धूम्रीकरण के लिए फॉर्मेलिन और परमैंगनेट का इस्तेमाल करें. 
  • अंडे और अंडे के उत्पादों को पशुओं के शवों के साथ गड्ढे में दफनाने के साथ जला भी सकते हैं. 
  • खराब और बचे हुए फीड को अधिक सुविधाजनक तरीके से जलाया जा सकता है. 
  • मरी हुई मुर्गियों को नष्ट करने में लगे कर्मचारियों के सुरक्षात्मक कपड़ों को भी जला देना चाहिए.

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