Milk Adulteration Test: दूध-दही, घी की जांच करानी है तो सड़क पर दौड़ रहा है "फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स"

Milk Adulteration Test: दूध-दही, घी की जांच करानी है तो सड़क पर दौड़ रहा है "फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स"

Milk Adulteration Test फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की हाईटेक मोबाइल यूनिट डेयरी प्रोडक्ट की जांच कर रही हैं. यूनिट में मिल्क-ओ-स्क्रीन उपकरण हैं, जो वसा, एसएनएफ, प्रोटीन और मिलावटी पानी, यूरिया, सुक्रोज, माल्टोडेक्सट्रिन और अमोनियम सल्फेट जैसे प्रमुख गुणवत्ता मापदंडों की मौके पर जांच करते हैं. इसके साथ ही हाईटेक यूनिट दूसरे फूड प्रोडक्ट की बुनियादी मिलावट जांचने में भी सक्षम है.

ऐसे करें असली और नकली दही की जांचऐसे करें असली और नकली दही की जांच
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 24, 2026,
  • Updated Feb 24, 2026, 10:40 AM IST

अगर आप दूध-दही और घी में मिलावट की जांच कराना चाहते हैं तो उसके लिए आपको अब किसी लैब में जाने की जरूरत नहीं है. क्योंकि अगर आप शहर से दूर किसी गांव में भी रहते हैं तो घर बैठे ही आपके डेयरी प्रोडक्ट की जांच हो जाएगी. और ये सब मुमकिन होगा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स से. FSSAI ऐसी कोई एक-दो नहीं दर्जनों चलती-फिरती लैब घूम रही हैं. और अच्छी बात ये है कि मोबाइल लैब हफ्ते या महीने में एक-दो बार नहीं 24 घंटे आपके आसपास के इलाकों में घूमती रहती हैं. 

केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मुताबिक देश के 35 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में 285 यूनिट दौड़ रही हैं. मोबाइल लैब की हाईटेक यूनिट गांवों में दूध और दूध से बने प्रोडक्ट की जांच कर रही है. यूनिट में लगी मिल्क-ओ-स्क्रीन दूध में कई तरह की जांच कर रही है. 35 राज्यों में ये यूनिट दौड़ रही हैं.  

फूड प्रोडक्ट की हो ट्रेसेबिलिटी

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों के तहत खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं. खासतौर से वो संचालक जो कच्चे माल की खरीद से लेकर उपभोक्ताओं तक तैयार माल की डिलीवरी करते हैं. ऐसे संचालकों को फूड प्रोडक्ट की ट्रेसेबिलिटी तय करनी होगी. फूड से जुड़ी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए संचालकों को आपूर्ति श्रृंखला में उचित रिकॉर्ड और दस्तावेज रखने होंगे. निरीक्षण और ऑडिट के दौरान जरूरत पड़ने पर ये दस्तावेज पेश करने होंगे. अगर ऐसा नहीं होता है तो उल्लंघन के मामले में उचित नियामक कार्रवाई की जा सकती है.

ऐसे तय होते हैं FSSAI के नियम 

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियम, 2011 के अंतर्गत दूध और दूध से बने प्रोडक्ट के लिए मानक स्थापित किए हैं. मानकों का अनुपालन तय कराने के लिए पूरे देश में डेयरी सहकारी समितियों समेत सभी खाद्य व्यवसाय संचालन (FBO) पर समान रूप से लागू होते हैं.

नए मानक विकसित करते समय या मौजूदा मानकों में संशोधन करते समय, FSSAI आम जनता और हितधारकों से प्रतिक्रिया और सुझाव मांगने के लिए मसौदा अधिसूचनाएं जारी करता है. डेयरी सहकारी समितियों से इनपुट सहित प्राप्त फीडबैक की मानक-निर्धारण प्रक्रिया के दौरान गहन समीक्षा और विचार किया जाता है.

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