
अभी खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) बीमारी से छुटकारा नहीं मिला था तब तक लंपी बीमारी ने पैर पसार लिए. एफएमडी की तरह से लंपी भी पशुओं की जानलेवा बीमारी है. हालांकि वैक्सीन की मदद से दोनों ही बीमारियों पर कुछ हद तक कंट्रोल कर लिया गया है. लेकिन लंपी की परेशानी बढ़ती ही जा रही है. इसी तरह से स्वाइन फ्लू और बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों का खौफ भी सामने आ रहा है. ये वो बीमारियां हैं जो पशुओं से इंसानों में भी हो जाती है.
इसी को देखते हुए वर्ल्ड लेवल पर नेशनल वन हैल्थर मिशन (NOHM) की शुरुआत की गई है. कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की मदद से भारत में भी इसकी शुरआत हो चुकी है. इस मिशन में और भी कई तरह की बीमारियों को शामिल किया गया है. मिशन के तहत इन बीमारियों पर तीन लेवल से वार किया जाएगा.
नेशनल वन हैल्थ मिशन के तहत लंपी जैसी बीमारियों से निपटने के लिए एक प्लान तैयार किया गया है. जानकारों की मानें तो प्लान के तहत तीन लेवल पर 8 बड़े काम किए जाएंगे.
एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो कोविड, स्वाइन फ्लू, एशियन फ्लू, इबोला, जीका वायरस, एवियन इंफ्लूंजा समेत और भी न जानें ऐसी कितनी महामारी हैं जो पशु-पक्षियों से इंसानों में आई हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक 1.7 मिलियन वायरस जंगल में फैले होते हैं. इसमे से बहुत सारे ऐसे हैं जो जूनोटिक हैं. जूनोटिक वो होते हैं जो पशु-पक्षियों से इंसान में फैलते हैं. जूनोटिक के ही दुनिया में हर साल एक बिलियन केस सामने आते हैं और इससे एक मिलियन मौत हो जाती हैं. अब वर्ल्ड लेवल पर इस पर काबू पाने की कवायद शुरू हो गई है. भारत में भी एनओएचएम के नाम से अभियान शुरू कर दिया गया है.
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