Shrimp Farming: जमीन का पानी खारा हो चुका है तो खेत से होगा बड़ा मुनाफा, जानें कैसे  

Shrimp Farming: जमीन का पानी खारा हो चुका है तो खेत से होगा बड़ा मुनाफा, जानें कैसे  

Shrimp Farming खारी जमीन और खारे पानी को देखते हुए नॉर्थ इंडिया के चारा राज्यों पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में झींगा पालन को बढ़ावा देने की तैयारी चल रही है. एक्सपर्ट के मुताबिक खारे पानी में एवन क्वालिटी का झींगा उत्पादन होता है. इसकी विदेशों में खूब डिमांड होती है. केन्द्र सरकार झींगा की घरेलू डिमांड बढ़ाने पर भी काम कर रही है. 

Heavily-subsidised Indian farm-raised shrimp accounts for 40% of US shrimp imports. Heavily-subsidised Indian farm-raised shrimp accounts for 40% of US shrimp imports. 
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 06, 2026,
  • Updated Apr 06, 2026, 12:24 PM IST

खारा पानी खेती का सबसे बड़ा दुश्मन होता है, लेकिन यही खारा पानी किसानों के लिए वरदान भी साबित हो रहा है. कई जगह किसान खारे पानी वाली जमीन पर खेती से ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. जहां खेत में अनाज उगना बंद हो गया है वहां भी किसान साल में तीन बार फसल तैयार कर रहे हैं. अगर आपके खेती की मिट्टी में भी नमक की मात्रा बढ़ गई है तो परेशान ना हो. ऐसी जमीन पर भी आप लाखों रुपये साल के कमा सकते हैं. और ये सब मुमकिन होगा झींगा पालन से. झींगा एक्सपर्ट की मानें तो प्राकृतिक रूप से खारी जमीन और खारा पानी झींगा पालन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.

साल में दो से तीन बार झींगा की फसल ली जा सकती हैं. एक्सपर्ट की मानें तो 14-15 ग्राम वजन वाला झींगा तालाब में 70 से 80 दिन में तैयार हो जाता है. अगर कोई कमी रह भी जाती है तो ज्यादा से ज्यादा 90 दिन में तैयार हो जाएगा. अगर बड़े साइज का झींगा तैयार करना है तो वो चार महीने में तैयार हो जाता है. इस तरह से एक साल में झींगा की दो से तीन फसल तैयार हो जाती है. 

खेत में कराएं PPT-मिनरल्स की जांच

झींगा एक्सपर्ट का कहना है कि झींगा हर तरह के पानी में नहीं होता है. इसके लिए तालाब का पानी खास तरह का होना चाहिए. जैसे पानी का खारापन पांच पीपीटी से कम नहीं होना चाहिए. पीपीटी की जानकारी के लिए लैब में पानी की जांच जरूर करानी चाहिए. इसके साथ ही  पानी में मैग्नीशियम और पोटेशियम का होना भी बहुत जरूरी है. अगर पानी में पोटेशि‍यम नहीं है तो उसे हम पानी में ऊपर से डालकर भी मिला सकते हैं. लेकिन तालाब के पानी में खारापन प्राकृतिक रूप से ही होना चाहिए.

मछली भी पाल सकते हैं खारे पानी में 

फिशरीज एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा नहीं है कि खारे पानी में सिर्फ झींगा पालन ही किया जा सकता है. क्योंकि आमतौर पर ऐसा माना जाता है खारे पानी में मछली पालन नहीं किया जा सकता है. अगर बाजार में झींगा की डिमांड नहीं है या फिर दाम अच्छे नहीं मिल रहे हैं तो ऐसे में झींगा की जगह उस तालाब में मछली पालन भी किया जा सकता है. मछलियों की और भी बहुत सारी ऐसी वैराइटी हैं जो सिर्फ खारे पानी में ही पाली जाती हैं. 

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