Ghee-Butter: घी-मक्खन को देश का ब्रांड बनाया तो बढ़ सकता है डेयरी एक्सपोर्ट 

Ghee-Butter: घी-मक्खन को देश का ब्रांड बनाया तो बढ़ सकता है डेयरी एक्सपोर्ट 

Ghee-Butter भारतीय घी-मक्खन के लिए दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2024 के सिर्फ चार महीने में ही 500 करोड़ रुपये के घी-मक्खन का एक्सपोरर्ट हुआ था. इसीलिए डेयरी सेक्टर लगातार मांग कर रहा है कि घी-मक्खन को ब्रांड बनाकर उसका एक्सपोर्ट किया जाए. 

घी और मक्खन दोनों में ज्यादा क्या बेहतरघी और मक्खन दोनों में ज्यादा क्या बेहतर
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 04, 2026,
  • Updated Jun 04, 2026, 3:16 PM IST

दुनियाभर के ज्यादातर देशों में भारत से एक्सपोर्ट होने वाला घी-मक्खन खाया जाता है. लगातार ये आंकडा बढ़ रहा है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो साल 2022 से पहले देश से करीब 65 लाख मीट्रिक टन डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होते थे. लेकिन अब ये आंकड़ा एक लाख टन से ऊपर पहुंच चुका है. इस आंकड़े में स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) शामिल नहीं है. स्किम्ड मिल्क पाउडर भी बड़ी मात्रा में भारत से दूसरे देशों को एक्सपोर्ट होता है. दूध की खपत और डेयरी एक्सपोर्ट बढ़ाने पर चर्चाएं हो रही हैं. 

इसके लिए सबसे ज्यादा नजर घी और मक्खन पर है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि अगर घी-मक्खन को ब्रांड बनाया तो दूध की खपत और डेयरी एक्सपोर्ट दोनों ही बढ़ सकते हैं. अभी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारतीय घी का सबसे बड़ा खरीदार है. अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही ब्रिटेन भी भारतीय घी खरीदारों की लिस्ट में शामिल हो सकता है. 

घी-मक्खन इसलिए बन सकते हैं ब्रांड 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि घी एक आयुर्वेद प्रोडक्ट है. इससे हमारी त्वचा अच्छी होती है, दिमाग भी अच्छा होता है. लेकिन हमे ये बात दूसरे देशों को बतानी होंगी. जब इटली ऑलिव आयल के लिए और स्विट्जरलैंड चॉकलेट के लिए अपनी पहचान बना सकता है तो भारत भी घी में विश्व स्तर पर अपनी पहचान कायम कर सकता है. आज कुछ स्तर पर पशुपालन और डेयरी सेक्टर में काम करने की कुछ जरूरत है. खासतौर पर पशुओं की कुछ खास बड़ी बीमारियों को लेकर. 

ऐसा है भारत का डेयरी सेक्टर 

  • भारत का डेयरी सेक्टर 14 लाख करोड़ रुपये का है. 
  • कुल घी का कारोबार 3.5 से चार लाख करोड़ का है. 
  • 2032 तक घी कारोबार सात लाख करोड़ का हो सकता है. 
  • देश में मक्खन का बाजार 55 से 60 हजार करोड़ रुपये का है. 
  • 2032 तक मक्खन बाजार एक से सवा लाख करोड़ का हो सकता है. 
  • भारत में मक्खन का कुल उत्पादन करीब 60 लाख टन है. 
  • भारत में विश्व के कुल मक्खन उत्पादन का 58 फीसद उत्पादन होता है. 
  • विश्व मक्खन उत्पादन में यूरोपीय संघ का 18, यूएसए 8 और न्यूजीलैंड 4 फीसद का योगदान है. 
  • साल 2014-15 में भारत में दूध उत्पादन 14.6 करोड़ टन हुआ था. 
  • साल 2024-25 में भारत में दूध उत्पादन 25 करोड़ टन हुआ है.

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