Sheep Transport: भेड़ों पर अवैध वसूली को लेकर आमने-सामने आईं कश्मीर और पंजाब सरकार

Sheep Transport: भेड़ों पर अवैध वसूली को लेकर आमने-सामने आईं कश्मीर और पंजाब सरकार

Sheep Transport कश्मीर में बकरे और भैंस से ज्यादा भेड़ों का मीट पसंद किया जाता है. कश्मीर मटन की डिमांड को पूरा करने के लिए दूसरे राज्यों से भी जिंदा भेड़ खरीदता है. रोजाना 30 से 40 गाडि़यां भेड़ खरीदकर कश्मीर आती हैं. लेकिन पंजाब की सड़कों पर गाडि़यों को रोका जा रहा है. आरोप है कि गाडि़यों से अवैध वसूली की जा रही है. जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकार भी सामने आ गई हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 07, 2026,
  • Updated Jul 07, 2026, 12:44 PM IST

इस वक्त जम्मू-कश्मीर और पंजाब सरकार आमने-सामने हैं. कश्मीर की ओर से पंजाब पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. आरोप की वजह है भेड़ें. बड़ी संख्या में पंजाब के रास्ते भेड़ें कश्मीर जाती हैं. लेकिन आरोप है कि अवैध वसूली के लिए भेड़ों से भरी गाडि़यों को पंजाब में सड़कों पर रोका जा रहा है. भेड़ों की लागत के हिसाब से 4 फीसद रुपये मांगे जाते हैं. जबकि एसोसिएशन का कहना है कि जिंदा भेड़ एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर कोई जीएसटी नहीं लगती है. इस सब से परेशान होकर अभी कश्मीर में मटन बाजार एसोसिएशन ने हड़ताल कर दी थी. 

10 दिन तक लगातार हड़ताल चली. कश्मीर में शादियों के सीजन और बाजार की रोजाना की जरूरत को देखते हुए हड़ताल खोल दी गई. लेकिन पंजाब में परेशानी जस की तस बनी हुई है. जबकि इस मामले में जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती पंजाब की आप सरकार से बातचीत कर चुके हैं. आश्वासन मिलने के बाद भी भेड़ों से भरी गाडि़यों को रोका जा रहा है.   

बिल्टी, एमसीडी की रसीद, फिर भी रोकी गाडि़यां

दिल्ली की गाजीपुर मंडी से बड़ी संख्या में भेड़ों से भरी गाडि़यां पंजाब के रास्ते कश्मीर जाती हैं. ये रोजाना का काम है. मंडी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गुलफाम ने किसान तक को बताया कि जब गाजीपुर मंडी से गाड़ी रवाना होती है तो उसके पास ट्रांसपोर्ट की बिल्टी होती है. इसके अलावा सरकारी कागज के रूप में एमसीडी की रसीद होती है.

जो इस बात की गवाह है कि भेड़ें खरीद-फरोख्त के बाद सरकारी फीस चुकाने के बाद दूसरे राज्य में जा रही हैं. लेकिन इसके बाद भी पंजाब में कई जगह पर इन गाडि़यों को रोककर अवैध वसूली की जाती है. वसूली करने वाले सरकारी कर्मचारी न होकर ठेकेदार हैं. ये वो लोग हैं जिन्हें दूसरे मकसद से गाडि़यां रोककर फीस वसूलने का ठेका मिला है. वहीं जब हमारी भेड़ें जीएसटी फ्री हैं तो फिर वसूली कैसी. 

अफसर बेबस, ठेकेदार दबंग, सरकारी आदेश हुए रद्दी 

किसान तक ने जम्मू-कश्मीर मटन डीलर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मेराजउद्दीन गनी से भी इस बारे में बात की. उन्होंने बताया कि 10 दिन तक चली हड़ताल के दौरान हमारी एसोसिएशन के अलावा सीएम उमर अब्दुल्ला, मेहबूबा मुफ्ती समेत तमाम लीडर ने पंजाब सरकार के साथ बातचीत की है. पंजाब सरकार ने लगातार ये भरोसा दिलाया कि आप कारोबार कीजिए आपको पंजाब में कोई परेशानी नहीं होगी.

लेकिन इसका असर ये हुआ कि सिर्फ पठानकोट को छोड़कर अभी भी दूसरे शहरों में गाडि़यों से अवैध वसूली की जा रही है. अफसरों से शि‍कायत करो तो वो बेबसी दिखाते हैं. जबकि ठेकेदार और उसके आदमी पूरी दबंगई के साथ सड़क पर गाडि़यां रोक रहे हैं. सरकार की बात मानने को कोई तैयार नहीं है. 

ये भी पढ़ें: 

Milk Production: गाय-भैंस के बच्चा देने के बाद इन 5 कारणों से कम हो सकता है दूध उत्पादन

EL-Nino: डेयरी-पशुपालन पर बढ़ा अल नीनो का खतरा, कम हो सकता है दूध उत्पादन!

MORE NEWS

Read more!