Lumpy: खतरे में देशभर की करोड़ों गाय, और अफसर मीटिंग कर रहे दिल्ली की 40 हजार गायों पर 

Lumpy: खतरे में देशभर की करोड़ों गाय, और अफसर मीटिंग कर रहे दिल्ली की 40 हजार गायों पर 

Lumpy साल 2022 में तांडव मचाने वाली लंपी बीमारी का वायरस एक बार फिर से सक्रिेय हो गया है. कई राज्य लंपी की चपेट में आ चुके हैं. ये वो राज्य हैं जहां गायों की संख्या लाखों में है. इन राज्यों से गायों की मौत होने तक की खबर आ रही है. लेकिन ऐसे वक्त में केन्द्रीय पशुपालन विभाग का फोकस सिर्फ देश की राजधानी दिल्ली पर है. 

अब गाय-भैंस के परिवहन पर प्रतिबंध अब गाय-भैंस के परिवहन पर प्रतिबंध
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Sep 14, 2026,
  • Updated Sep 14, 2026, 12:37 PM IST

देशभर की करोड़ों गाय और भैंसों पर दो बड़ी बीमारियों को खतरा मंडरा रहा है. खासतौर से लंपी बीमारी का ज्यादा असर देखा जा रहा है. पशुपालन विभाग से जुड़े अफसर भी इसे लेकर अलर्ट है. रविवार को छुट्टी के दिन भी बीमारियों के संबंध में मीटिंग और समीक्षा हो रही है. गायों की हैल्थ को लेकर अफसर फिक्रमंद हैं. लेकिन जब लंपी का प्रकोप ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है, गायों की मौत भी हो रही है तो ऐसे में अफसरों की फिक्र में सिर्फ दिल्ली ही शामिल है. और दूसरे राज्य जहां लंपी तेजी से फैल रही है और वहां गायों की संख्या भी एक राज्य में 40-50 लाख से ज्यादा है तो वहां अफसरों ने एडवाइजरी जारी करके अपना काम पूरा कर लिया. बहुत ज्यादा हुआ तो एक राज्य में टीम भेज दी. 

जानकारों की मानें तो हरियाणा, राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लंपी बीमारी तेज से अपने पैर पसार रही है. हरियाणा, राजस्थान और यूपी से तो लंपी के चलते गायों की मौत होने की खबर आ रही है. इन राज्यों का ये हाल तब है जब सितम्बर के पहले हफ्ते से केन्द्रीय पशुपालन विभाग सक्रिहय है. जैसा की पीआईबी की ओर से जारी होने वाली सूचना में बताया गया है. 

2 करोड़ से ज्यादा गायों पर भारी हैं दिल्ली की गाय

केन्द्रीय पशुपालन विभाग के आंकड़ों की ही मानें तो दिल्ली में दूध देने वालीं सभी नस्ल की गायों की संख्या करीब 40 हजार है. वहीं विभाग का दावा है कि वो दिल्ली में 45 हजार गायों को लंपी की वैक्सीन लगा चुका है. पीआईबी की सूचना के मुताबिक 13 सितम्बर, रविवार को पशुपालन विभाग ने सिर्फ दिल्ली राज्य के विभागों के साथ मिलकर समीक्षा बैठक की थी. इसमे लंपी को लेकर चर्चा हुई थी.

इस बैठक में यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल नहीं थे. जबकि राजस्थान में 63 लाख, यूपी में 66 लाख, मध्य प्रदेश में 62 लाख और महाराष्ट्र में 42 लाख सभी नस्ल की दूध देने वाली गाय हैं. इसमे छुट्टा गायों की संख्या शामिल नहीं है. एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक देशभर में 50 लाख से ज्यादा छुट्टा गाय हैं. इसमे भी सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी और महाराष्ट्र में है.  

देशभर के 219 शहर और दिल्ली का एक

केन्द्र सरकार का एक इंस्टीटयूट है. ये पशुओं की बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी करता है. लंपी बीमारी को लेकर भी इसने अलर्ट जारी किया था. देश के 29 राज्यों में 220 शहरों को अलर्ट जारी किया गया था. इसमे दिल्ली का एक वेस्ट शहर शामिल था. बावजूद इसके अफसरों का पूरा फोकस दिल्ली पर है. जबकि अफसरों की दिल्ली वाली मीटिंग को लेकर ये भी चर्चा है कि क्या दिल्ली में लंपी बीमारी दूसरे राज्यों के मुकाबले ज्यादा फैल रही है. जिसके चलते रविवार को भी मीटिंग करनी पड़ी. क्योंकि और दूसरे राज्यों को 8 सितम्बर को दिशा-निर्देश देने के बाद कोई मीटिंग नहीं हुई है. वहीं इस बारे में जब ज्यादा जानकारी के लिए एनिमल हसबेंडरी कमिश्नर से बात करनी चाही तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है. 

ये भी पढ़ें-

Analog Paneer: AIIMS की डॉ. पिंकी बोलीं खा सकते हैं एनालॉग पनीर, लेकिन ध्यान रखें ये बात 

Honey Production: शहद उत्पादन में आगे बढ़ रहा, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में कम हुए दाम

MORE NEWS

Read more!