Tree Fodder: बाढ़ में दूषि‍त चारे से बीमार होती हैं बकरियां, खि‍लाएं ये पत्ते, इलाज संग पेट भी भरेगा

Tree Fodder: बाढ़ में दूषि‍त चारे से बीमार होती हैं बकरियां, खि‍लाएं ये पत्ते, इलाज संग पेट भी भरेगा

Tree Fodder बाढ़-बरसात के दौरान पशुओं को खि‍लाने के लिए हरा चारा मुश्किल से मिलता है. जो मिलता भी है तो उसे सीधे नहीं खि‍ला सकते हैं. लेकिन, अगर फसली चारे को छोड़कर पशुओं को पेड़ों की पत्ति‍यों का चारा खि‍लाया जाए तो वो फायदेमंद साबित होता है. क्योंकि पेड़ों से मिलने वाला हरा चारा पशुओं के लिए दवाई का काम भी करता है.

बकरी पालनबकरी पालन
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Aug 20, 2026,
  • Updated Aug 20, 2026, 12:13 PM IST

नदियां उफान पर आने लगी हैं. किनारों को तोड़ पानी मैदानी इलाके में भरने लगा है. राज्य सरकारों ने भी बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी अलर्ट हो गई हैं. जहां बाढ़ की ज्यादा संभावनाएं हैं वहां टीमों को तैनात कर दिया गया है. लोगों को सुराक्षि‍त जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. साथ ही जो दुधारू पशु हैं उन्हें भी बाड़ों से निकालकर ऊंची जगह पर भेजा जा रहा है. पशुओं के लिए सूखे और हरे चारे का इंतजाम किया जा रहा है. यूपी सरकार ने तो पशुओं के चारे के लिए बजट भी जारी कर दिया है. 

वहीं एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि बाढ़ के दौरान पशुओं का हरा चारा दूषि‍त हो जाता है. अगर ये चारा बकरे-बकरियां भी खा लें तो बीमार हो जाएंगे. लेकिन बाढ़ और बरसात के दौरान इस तरह की परेशानियों से निपटा जा सकता है. ऐसे में पशुओं को फसली हरा चारा न खि‍लाकर ट्री फोडर यानि की पेड़ों के पत्ते खिलाए जा सकते हैं. कुछ पेड़ों के पत्ते तो ऐसे हैं जो बकरे-ब‍करियों का पेट भरने के साथ ही उनका इलाज भी करता है.  

कौन-कौनसी पत्तियां खिला सकते हैं

चारा एक्सपर्ट की मानें तो बरसात के दौरान भेड़-बकरियों को पेड़ों की पत्ति‍यां खि‍लाना बहुत फायदेमंद रहता है. क्योंकि फसली हरे चारे के मुकाबले पेड़ों की पत्तियों में नमी की मात्रा कम होती है. वहीं फसली चारा पानी और गंदगी के संपर्क में आते ही दूषि‍त भी हो जाता है. वहीं फसली चारे में ज्यादा नमी के चलते ही पशु डायरिया जैसी बीमारी के शि‍कार हो जाते हैं. ऐसे में भेड़-बकरी पालक अमरुद, नीम और मोरिंगा की पत्तियां खि‍ला सकते हैं. ये बहुत ही फायदेमंद होती हैं. पेट भरने के साथ ही दवाई का काम भी करती हैं. इसमे टेनिन कांटेंट और प्रोटीन की मात्रा खूब होती है.

अगर बरसात के दौरान वक्त पर हम तीनों पेड़-पौधे की पत्तियां भेड़-बकरियों को खिलाते रहें तो उनके पेट में कीड़े नहीं होंगे. बरसात के दौरान दूषि‍त पानी पीने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े होना आम बात है. ये बीमारी भेड़-बकरियों की ग्रोथ पर असर डालती है. अगर पेट में कीड़े हैं तो फिर आप भेड़-बकरियों को कितना भी खि‍ला लो वो उनके शरीर पर कोई असर नहीं डालेगा. जो लोग भेड़-बकरियों को फार्म में पालते हैं और स्टाल फीड कराते हैं उन्हें जरूर नीम संग अमरुद और मोरिंगा भेड़-बकरियों को खि‍लाना चाहिए. 

कैसे खि‍लाएं पेड़ों की पत्तियां  

एक्सपर्ट के मुताबिक बकरी जमीन पर पड़े चारे के मुकाबले डाल से तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं. इस तरह से ये चारे को बड़े ही चाव से खाती हैं. जब बकरी इस तरह से चारे को खाती है तो इससे उसकी ग्रोथ भी तेजी से होती है. अगर नीम, अमरुद और मोरिंगा आसानी से उपलब्ध नहीं हो तो भेड़-बकरियों को गूलर और अरडू आदि पेड़ की पत्तियां भी खिला सकते हैं. मोरिंगा का तो तना भी बकरियां बड़े आराम से खाती हैं.

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