ओडिशा में दूध खरीदी कीमत में 2 रुपये लीटर की बढ़ोतरी, 3 लाख से ज्यादा पशुपालकों को होगा फायदा

ओडिशा में दूध खरीदी कीमत में 2 रुपये लीटर की बढ़ोतरी, 3 लाख से ज्यादा पशुपालकों को होगा फायदा

ओडिशा सरकार ने डेयरी किसानों को राहत देते हुए दूध के खरीद मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. नया मूल्य 11 सितंबर से लागू होगा. इस फैसले से राज्य के 3 लाख से अधिक पशुपालक किसानों को अतिरिक्त आय का फायदा मिलने की उम्मीद है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 09, 2026,
  • Updated Sep 09, 2026, 10:43 AM IST

ओडिशा सरकार ने राज्य के डेयरी किसानों को राहत देते हुए दूध के खरीद मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. नया खरीद मूल्य 11 सितंबर से लागू होगा. सरकार का कहना है कि इस फैसले से राज्य के 3 लाख से अधिक डेयरी किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी. पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि दूध खरीद मूल्य बढ़ाने का फैसला किसानों को अतिरिक्त आय देने के साथ राज्य के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने में मदद करेगा. पिछले कुछ समय से पशु आहार, चारा, दवाइयों, पशु चिकित्सा और परिवहन जैसी लागत बढ़ने से डेयरी किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है.

11 सितंबर से मिलेगा बढ़ा हुआ दाम

सरकार के मुताबिक, दूध खरीद मूल्य में यह बढ़ोतरी 11 सितंबर से प्रभावी होगी. इससे दूध उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर भुगतान मिलेगा और डेयरी कारोबार से जुड़े किसानों को बढ़ती उत्पादन लागत का सामना करने में कुछ राहत मिल सकती है.

OMFED रोज खरीदता है 6.70 लाख लीटर दूध

ओडिशा स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन यानी OMFED राज्य में संगठित दूध खरीद व्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है. फेडरेशन करीब 3.24 लाख किसानों से रोजाना लगभग 6.70 लाख लीटर दूध खरीदता है. यह खरीद राज्य की 4,455 दूध सहकारी समितियों के जरिए होती है.

मई में भी बढ़ाया गया था खरीद मूल्य

इस साल मई में भी OMFED ने दूध का खरीद मूल्य 1 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था. इसके बाद गाय के दूध का खरीद मूल्य 39.05 रुपये प्रति लीटर हो गया था. उस समय भी पशु आहार, चारा, दवाइयों और पशुओं के रखरखाव पर बढ़ते खर्च को कीमत बढ़ाने की प्रमुख वजह बताया गया था.

डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर

ओडिशा सरकार को उम्मीद है कि बढ़ा हुआ खरीद मूल्य किसानों को संगठित डेयरी व्यवस्था से जोड़ने में मदद करेगा. इससे राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी किसानों की आजीविका मजबूत करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

केंद्र सरकार भी सहकारी डेयरी व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए श्‍वेत क्रांति 2.0 जैसी पहल चला रही है. इसका उद्देश्य डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार, रोजगार के अवसर बढ़ाना और डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना है.

बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु में बीते महीने वहां की राज्‍य सरकार ने दो बार दूध खरीदी के दाम बढ़ाए थे. राज्‍य सरकार ने महंगे चारा और बढ़ती लागत के बीच किसानों को राहत देने के लि‍ए यह कदम उठाया था. वहीं, 1 सितंबर से मुंबई में तबेले वाला दूध आम उपभोक्‍ताओं के लिए 9 रुपये महंगा हुआ था, जिससे दूध की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर हो गई. 

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