बिलासपुर में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि, कई राज्यों में अलर्ट, 5 किमी क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित

बिलासपुर में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि, कई राज्यों में अलर्ट, 5 किमी क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है. 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन ने पूरे पोल्ट्री फार्म को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है और 5 किमी क्षेत्र में सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है. महाराष्ट्र और केरल में भी मामले सामने आए हैं, जबकि कई राज्यों में अलर्ट जारी है. फिलहाल इंसानों में संक्रमण का खतरा कम बताया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सर्विलांस, सैनिटाइजेशन और किलिंग जैसे कदम उठाए जा रहे हैं.

H5n1 Bird flu virus H5n1 Bird flu virus
क‍िसान तक
  • Bilaspur,
  • Mar 26, 2026,
  • Updated Mar 26, 2026, 12:22 PM IST

बर्ड फ्लू के मामले कई राज्यों में सामने आए हैं. छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और केरल में पुष्टि, जबकि मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी है. प्रशासन कंटेनमेंट, सर्विलांस और पक्षियों की किलिंग जैसे कदम उठा रहा है. इंसानों में खतरा फिलहाल कम माना गया है. छत्तीसगढ़ की घटना के बाद बॉर्डर के राज्यों में निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रशासन हर तरह के एहतियाती कदम उठा रहा है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिसर में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है. भोपाल लैब से आई रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) वायरस की मौजूदगी पाई गई है, जिसके बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. बीते कुछ दिनों में यहां 5 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है.

पुष्टि के बाद जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए पूरे पोल्ट्री फार्म को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है. साथ ही, 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए आवाजाही और गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. मरे हुए पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया है, जबकि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सैनिटाइजेशन और सर्विलांस तेज कर दिया गया है.

सरकारी फार्म पर बड़ा असर क्यों?

कोनी का यह कुक्कुट पालन परिसर राज्य सरकार द्वारा संचालित है, जहां अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को मुर्गी पालन के लिए सहायता दी जाती है. इस फार्म में करीब 6 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों का पालन किया जा रहा था. बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पूरे यूनिट को बंद कर दिया गया है, जिससे जुड़े किसानों की आजीविका पर भी असर पड़ने की आशंका है.

अंडों को लेकर स्थिति साफ नहीं?

फार्म में मौजूद अंडों की स्थिति को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक, अंडों के सैंपल की भी जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल, अंडों के उपयोग और सप्लाई पर रोक लगा दी गई है.

राज्य स्तरीय टीम की निगरानी रहेगी

रायपुर से पहुंची राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. टीम में पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मृत पक्षी के संपर्क में न आएं और तुरंत प्रशासन को सूचना दें.

प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है और किसी भी संभावित मानव संक्रमण को रोकने के लिए तैयारी की जा रही है. इस पूरे मामले में डॉक्टर संजय राज ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ महत्वपूर्ण टेस्ट किए जा रहे हैं जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है. फिलहाल बूट फ्लो को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं.(मनीष शरण की रिपोर्ट)

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