दूध उत्पादन के मामले में भारत विश्व में नंबर वन है. कई बड़े विकसित देश भी इस मामले में पीछे हैं. करीब 27 साल से देश दूध उत्पादन में नंबर वन बना हुआ है. इंडियन डेयरी सेक्टर 25 करोड़ टन दूध उत्पादन के आंकड़े पर पहुंच चुका है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो आने वाले कुछ साल में ये आंकड़ा डबल से भी ज्यादा हो सकता है. लेकिन इसके लिए जरूरत है कि पशुपालन साइंटीफिक तरीके से किया जाए. कुछ लोगों का मानना है कि गर्मियों के दौरान दूध उत्पादन घट जाता है. लेकिन ये पूरी तरह से सही नही है.
उत्पादन घटने की जो वजह हैं उन्हें दूर भी किया जा सकता है. उसके लिए जरूरी है कि डेयरी और पशुपालन एक्सपर्ट के बताए कुछ टिप्स का पालन किया जाए. एक्सपर्ट पशुपालन और डेयरी में 20 खास काम करने की सलाह देते हैं. इसीलिए मिल्क रेव्युलेशन-2 की शुरुआत भी की गई है. देश में इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है.
डेयरी-पशुपालन में ऐसे बढ़ेगा उत्पादन
- अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. आरएस सोढ़ी ने डेयरी में मुनाफा बढ़ाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं. डेयरी की तस्वीर बदलने के लिए छह बिन्दुओं पर मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करना होगा.
- अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी.
- इसके लिए पहले तो हमे प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा.
- आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी बढ़ानी होगी.
- एक्सपोर्ट और घरेलू दोनों लेवल के बाजार का दायरा बढ़ाना होगा.
- इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड को देखते हुए घी पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है.
- सरकार की मदद से कोऑपरेटिव, डेयरी वैल्यू चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा.
- मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी परेशानी को देखते हुए पशुओं की चारा लागत को कम करना होगा.
ऐसे बढ़ाई जा सकती है पशुपालकों की इनकम
- आज सबसे बड़ी जरूरत ज्यादा से ज्यादा किसानों को पशुपालन में लाने की है.
- जो पहले से काम कर रहे हैं उन्हें रोकने पर भी ध्यान देना होगा.
- चार-पांच गाय-भैंस पालने वाले पशुपालक को कुछ बचता नहीं है.
- क्योंकि दूध की कमाई का एक बड़ा हिस्सा चारे में खर्च हो जाता है.
- लगातार बिजली-डीजल महंगी होने से लागत बढ़ गई है.
- किसान के बच्चे आज पशुपालन में भविष्य बनाना नहीं चाहते हैं.
- जब तक पशुपालन अर्गेनाइज्ड नहीं होगा तो दूध उत्पादन की लागत भी कम नहीं होगी.
डेयरी प्रोडक्ट की पैकिंग से भी पड़ता है बड़ा असर
- खासतौर पर खाने की चीजों पर अच्छी या खराब पैकेकिंग का असर पड़ता है.
- दूध को छोड़कर बाकी सारे डेयरी प्रोडक्ट प्रोसेस होते हैं.
- आइसक्रीम में भी पैकिंग का बड़ा रोल है.
- पैकिंग के चलते ही डेयरी प्रोडक्ट के रेट बाजार पर भी असर डालते हैं.
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