Indian Dairy: स्वाद में दुनिया को लुभा रहा भारतीय देसी घी,  रेट और डिमांड दोनों ही बढ़ रहे 

Indian Dairy: स्वाद में दुनिया को लुभा रहा भारतीय देसी घी,  रेट और डिमांड दोनों ही बढ़ रहे 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है भारत में दूध उत्पादन इसी तरह से आगे बढ़ता रहेगा. लेकिन ज्यादा से ज्यादा दूध इस्तेमाल के लिए जरूरी है कि दूध और उससे बने आइटम की खपत भी बढ़ाई जाए. इसके लिए सबसे बेहतर प्रोडक्ट है घी. हमे घी पर काम करने की जरूरत है. भारतीय घी की विदेशों में बहुत डिमांड है. 

Homemade pure ghee in a spoon and container.Homemade pure ghee in a spoon and container.
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 23, 2026,
  • Updated Jul 23, 2026, 9:00 AM IST

दूध उत्पादन के मामले में भारत विश्व में पहले नंबर पर है. बीते 25 साल से भी ज्यादा वक्त से भारत इस पोजिशन पर बना हुआ है. विश्व के कुल दूध उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 30 फीसद से ज्यादा है. साल 2025 में देश में 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. दूध उत्पादन के मामले में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है. दूध ही नहीं अब तो घी को लेकर भी एक अच्छी खबर आ रही है. हाल ही में एपीडा ने मार्केट इंटेलीजेंस रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में बहुत सारे फूड प्रोडक्ट की पहली तिमाही रिपोर्ट के बारे में बताया गया है. क्रिसिल की इस रिपोर्ट में घी को भी शामिल किया गया है.

रिपोर्ट की मानें तो विश्व के दूसरे देशों के मुकाबले भारतीय घी की डिमांड समेत उसकी कीमत भी बढ़ रही है. और ये सब हो रहा है घी के स्वाद और उसके फायदे के चलते. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो हमारा घी एक आयुर्वेद प्रोडक्ट है. इससे हमारी त्वचा अच्छी होती है, दिमाग भी अच्छा होता है.

घी की दौड़ में भारत पहले नंबर पर 

एपीडा की रिर्पोर्ट में घी एक्सपोर्ट से जुड़े कुछ आंकड़े दिए गए हैं. घी एक्सपोर्ट में न्यूजीलैंड, नीदरलैंड और यूएसए को पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बताया गया है. भारत इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है. लेकिन ग्रोथ के मामले में भारत पहले नंबर पर है. साल 2025 के मुकाबले 2026 में 10 फीसद की ग्रोथ हुई है. 2025 में 30.7 हजार टन घी का एक्सपोर्ट भारत से हुआ था. जबकि 2026 में ये बढ़कर 33.8 हजार टन हो गया है. टॉप-10 की इस लिस्ट में अन्य देशों की ग्रोथ 5 से लेकर 2 फीसद तक ही हो रही है. 

बाकी को छोड़ भारतीय घी के बढ़ रहे दाम 

घी के दाम बढ़ने के मामले में भी भारतीय घी ने दूसरे देशों को पीछे छोड़ दिया है. साल 2025 और 2026 की पहली तिमाही का मुकाबला करें तो जर्मनी, फ्रांस, यूएसए, न्यूजीलैंड, नीदरलैंड और बेल्जियम जैसे देशों के घी के दाम नहीं बढ़े हैं. जबकि बीते साल पहली तिमाही में भारतीय घी के दाम 6730 यूएस डालर प्रति टन थे, जो बढ़कर इस साल 7378 डालर प्रति टन हो गए हैं. 

भारत का डेयरी सेक्टर 

भारत का डेयरी सेक्टर 14 लाख करोड़ रुपये का है. 
कुल घी का कारोबार 3.5 से चार लाख करोड़ का है. 
2032 तक घी कारोबार सात लाख करोड़ का हो सकता है. 
देश में मक्खन का बाजार 55 से 60 हजार करोड़ रुपये का है. 
2032 तक मक्खन बाजार एक से सवा लाख करोड़ का हो सकता है. 
भारत में मक्खन का कुल उत्पादन करीब 60 लाख टन है. 
भारत में विश्व के कुल मक्खन उत्पादन का 58 फीसद उत्पादन होता है. 
विश्व मक्खन उत्पादन में यूरोपीय संघ का 18, यूएसए 8 और न्यूजीलैंड 4 फीसद का योगदान है. 
साल 2014-15 में भारत में दूध उत्पादन 14.6 करोड़ टन हुआ था. 
साल 2024-25 में भारत में दूध उत्पादन 25 करोड़ टन हुआ है.

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