
भोपाल। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के उद्देश्य से भोपाल जिले में “क्षीर धारा योजना” को तेजी से लागू किया जा रहा है. योजना के तहत जिले के 76 गांवों का चयन किया गया है, जिन्हें विकसित कर “क्षीर धारा ग्राम” बनाया जाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करना और पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है.
उप संचालक पशुपालन अभिजीत शुक्ला के अनुसार, योजना के अंतर्गत चयनित गांवों में पशुओं की नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने और आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना तैयार की गई है.
योजना के प्रथम चरण में आधारभूत सर्वेक्षण (बेसलाइन सर्वे) कराया जा रहा है. इसके बाद मई माह में ग्राम पंचायत स्तर पर गोबर एवं अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से डेयरी प्रबंधन, पशु पोषण और स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जाएगी.
इसके साथ ही पशुपालकों को आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों से अवगत कराकर अधिक दूध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा. विभाग का मानना है कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है.
योजना के तहत पशुओं की उच्च नस्ल से गर्भधारण कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा.इसके लिए निकृष्ट सांडों का बधियाकरण, बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.इसके अलावा शत-प्रतिशत टीकाकरण और पशुओं की ट्रैकिंग सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सके और उनकी उत्पादकता बढ़े.
दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित आहार को महत्वपूर्ण मानते हुए किसानों को हरे चारे की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.पशुपालन विभाग द्वारा चारा बीज की मिनीकिट भी वितरित की जाएगी, जिससे किसान कम लागत में पौष्टिक चारा तैयार कर सकें.
योजना के अंतर्गत भोपाल जिले के सभी गांवों को आगामी तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना की उपलब्धियों के आधार पर गांवों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा—
जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. माना जा रहा है कि इस योजना से जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, पशुपालकों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी.
“क्षीर धारा योजना” को भोपाल जिले में श्वेत क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में डेयरी क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है.