Weather Update: मार्च में मौसम का अजीब मिजाज, कहीं बर्फबारी तो कहीं हीटवेव का अलर्ट

Weather Update: मार्च में मौसम का अजीब मिजाज, कहीं बर्फबारी तो कहीं हीटवेव का अलर्ट

मार्च महीने में ही देश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है. जहां उत्तराखंड के कुछ जिलों में बर्फबारी और ठंड का असर बना हुआ है, वहीं महाराष्ट्र के अकोला और जालना जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है.

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Weather Update: मार्च में मौसम का अजीब मिजाज, कहीं बर्फबारी तो कहीं हीटवेव का अलर्टदेश के कई इलाकों में हीटवेव का खतरा

मार्च महीने में ही देश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है. जहां उत्तराखंड के कुछ जिलों में बर्फबारी और ठंड का असर बना हुआ है, वहीं महाराष्ट्र के अकोला और जालना जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. देश के ऊपरी हिस्से जम्मू कश्मीर में भी गर्मी का असर देखा जा रहा है जबकि इस महीने में वहां ठंड रहती है. कश्मीर के लोग भी इस बार बेहद अधिक गर्मी की शिकायत कर रहे हैं जबकि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का असर देखा जा रहा है.

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति सहित मनाली के ऊंचाई वाले इलाकों में बुधवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया और कई स्थानों पर बर्फबारी शुरू हो गई. ताजा हिमपात से पूरा क्षेत्र फिर से सर्दी की चपेट में आ गया है, जबकि घाटी के कई हिस्सों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है. लाहौल-स्पीति में मंगलवार देर शाम से ही मौसम खराब बना हुआ था. बुधवार सुबह होते ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ के फाहे गिरने लगे. सुबह से हो रही हल्की बर्फबारी के कारण पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है, जिससे घाटी का नजारा बेहद मनमोहक हो गया है.

मनाली के बर्फबारी, बढ़ी ठंड

उधर मनाली के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है. अटल टनल रोहतांग के उत्तरी छोर पर भी बर्फ के फाहे गिरे, जबकि रोहतांग, कोकसर, जांस्कर, समदो और शिंकुला जैसे क्षेत्रों में भी हल्की बर्फबारी हुई है. मौसम के अचानक बदले मिजाज से घाटी में ठंड बढ़ गई है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो आने वाले घंटों में लाहौल-स्पीति के अन्य क्षेत्रों में भी ताजा हिमपात हो सकता है. 

वहीं मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 16 मार्च तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है. विभाग की ओर से कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है.

जोशीमठ में बारिश और बर्फबारी

दूसरी ओर, लंबे समय बाद उत्तराखंड के जोशीमठ में मौसम ने करवट बदली और मंगलवार को जमकर मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. घर, खेत, सड़कें और आसपास के हर इलाके में ओलों की सफेद चादर दिखाई दी. कभी तेज बारिश तो कभी ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहा. बताते चलें कि पिछले कई दिनों से पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की कमी बनी हुई थी, जिससे जंगलों में आग और तापमान बढ़ने के कारण धुंध छाई रहती थी. मंगलवार को मौसम के इस अचानक बदलाव ने खेती-किसानी के लिए बहुत जरूरी बारिश दी है. ओलावृष्टि और बारिश के साथ अब पहाड़ों को थोड़ी राहत मिल गई है, और बढ़ती गर्मी से भी निजात मिली है.

अकोला में चढ़ा पारा

वहीं, देश के कई इलाकों में गर्मी ने प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित अकोला में इस साल मार्च महीने की शुरुआत से ही तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि मार्च के पहले ही सप्ताह में लोगों को अप्रैल और मई जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है. तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और लोग गर्मी से बचने के लिए अलग-अलग उपाय करते नजर आ रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार मार्च के पहले दस दिनों में अकोला का तापमान लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. 

मार्च के शुरुआती दिनों में ही अकोला का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. खास बात यह है कि 2 मार्च और 8 मार्च को अकोला का तापमान पूरे देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया था. यह स्थिति इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ती गर्मी का संकेत दे रही है. अकोला विदर्भ के उन इलाकों में गिना जाता है जहां गर्मी सामान्य रूप से फरवरी के अंत से ही शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार तापमान में हो रही असामान्य वृद्धि ने वैज्ञानिकों का भी ध्यान आकर्षित किया है.

जालना में भी तेज गर्मी

महाराष्ट्र के जालना जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. जिला प्रशासन ने नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है. मुंबई के कुलाबा स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जालना जिले में अगले दो दिनों तक कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों को लू से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है.

आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपक काजलकर ने बताया कि तेज धूप या लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए नागरिकों को पर्याप्त पानी पीने, प्यास न लगने पर भी हर आधे घंटे में पानी पीने, घर से बाहर निकलते समय सिर को टोपी या छतरी से ढकने और दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.

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