Weather Alert: भारी बारिश, तूफान और लू का ट्रिपल अटैक मचाएगा कहर! जानिए आपके राज्‍य में कैसा रहेगा मौसम

Weather Alert: भारी बारिश, तूफान और लू का ट्रिपल अटैक मचाएगा कहर! जानिए आपके राज्‍य में कैसा रहेगा मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों के लिए बारिश, आंधी और लू को लेकर चेतावनी जारी की है. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम बदलने के संकेत हैं. दिल्ली में भी अगले दिनों में बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा.

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भारी बारिश, तूफान और लू का ट्रिपल अटैक मचाएगा कहर! जानिए आपके राज्‍य में कैसा रहेगा मौसमआज का मौसम (AI Image)

देश के बड़े हिस्‍से में अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश जैसे हालात देखने को मिलेंगे. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में यह बात कही है. मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होगी, इसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है, जिससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. कई राज्यों में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी का खतरा है. वहीं, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में लू का अलर्ट जारी किया गया है.

30 अप्रैल को देशभर का मौसम अपडेट

मौसम विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल को देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिलेगा. पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और तूफानी गतिविधियां जारी रहेंगी. पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा. 

वही, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी. इसके अलावा मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान अभी भी 40 डिग्री के आसपास बना रहेगा.

दिल्ली-NCR का में कैसा रहेगा मौसम?

IMD के अनुसार, दिल्ली-NCR में 30 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर के बाद हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों के दौरान रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा तक जाने की संभावना है.

वहीं, तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री और न्यूनतम 20 से 22 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. इसके अलावा 1 मई को आसमान आंशिक रूप से साफ रहेगा और तापमान बढ़कर 38 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है. 2 मई को भी मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन गर्मी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और तापमान 41 डिग्री तक जा सकता है.

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, 2 से 5 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 2 से 5 मई के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पश्चिम राजस्थान में 1 से 3 मई के बीच लू चलने की संभावना है. उत्तर प्रदेश में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.

वहीं, 1 से 4 मई के दौरान असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 1 से 3 मई के बीच भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. बिहार और झारखंड में भी 1 से 3 मई के बीच बारिश और आंधी का असर रहेगा.

मध्य और पश्चिम भारत का पूर्वानुमान

IMD ने पूर्वानुमान में कहा है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 2 से 5 मई के बीच गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है. गुजरात और महाराष्ट्र में तापमान में थोड़ी गिरावट के बाद स्थिरता देखने को मिलेगी. हालांकि, कुछ हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहेगा.

दक्षिण भारत का मौसम पूर्वानुमान

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 1 से 3 मई के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी. केरल और तमिलनाडु में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी भी बनी रह सकती है.

किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि फसल को नुकसान न हो. पकी हुई फसलों की तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें. तेज हवाओं और आंधी के खतरे को देखते हुए सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा दें. नर्सरी और पौधों को पॉलीथिन या जाल से ढककर सुरक्षित रखें.

जहां लू चलने की संभावना है वहां हल्की सिंचाई करते रहें और मल्चिंग का इस्तेमाल करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं. मछली पालन करने वाले किसान तालाबों में पानी के बहाव की उचित व्यवस्था रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके.

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