तापमान में आएगी गिरावट (AI Image)उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच अब मौसम तेजी से करवट ले रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और धूलभरी हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी. राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में 31 तक गरज-चमक, ओलावृष्टि और 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में हीटवेव की स्थिति अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगी. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है.
इधर, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मॉनसून के और तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इससे दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. IMD ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है.
29 मई को उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी तेज तूफानी गतिविधियां और ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है. पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश जारी रह सकती है.
IMD के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रहेगा. ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बादल, बिजली और तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने की संभावना है. राजस्थान और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गर्मी बनी रहेगी, लेकिन कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में 29 मई को मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय पर हल्की बारिश, गरज-चमक और धूलभरी आंधी चल सकती है. तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.
इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. इसके बाद 30 और 31 मई को भी बादल, हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है.
1 जून से 3 जून के दौरान पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
31 मई से 3 जून के बीच गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. गुजरात क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
31 मई से 2 जून के दौरान राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से तेज आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. पश्चिम और पूर्वी राजस्थान में धूलभरी हवाओं के साथ मौसम बदलने का अनुमान है.
1 जून से 3 जून तक केरल, लक्षद्वीप और दक्षिण कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है. तटीय इलाकों में समुद्र उफान पर रह सकता है. मध्य भारत के हिस्सों में भी तापमान में गिरावट और छिटपुट बारिश जारी रह सकती है.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन इलाकों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखें. तैयार फसलों और सब्जियों को सुरक्षित स्थान पर रखें और तेज हवाओं को देखते हुए बागवानी फसलों को सहारा दें.
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गर्मी वाले इलाकों में हल्की सिंचाई और मल्चिंग करने की सलाह दी गई है. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव टालने को कहा गया है. पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़ने और चारे को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है.
वहीं, मछुआरों को बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, तमिलनाडु तट, गुजरात तट और अरब सागर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि इन इलाकों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं.
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