बिहार में मौसम का बड़ा अलर्टदेश में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन बिहार में अभी भी इसका इंतजार है. वहीं, मॉनसून से पहले राज्य में इस साल की प्री-मॉनसून की आखिरी बारिश को लेकर मौसम विभाग की ओर से पूर्वानुमान जारी किया गया है. मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में राज्य में बारिश के साथ आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात होने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही मौसम विभाग की ओर से राज्य में El Nino को लेकर भी पूर्वानुमान जारी किया गया है.
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर कहते हैं कि हाल के समय में राज्य के कई जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिल रहा है. कुछ जगहों पर तापमान 40 से लेकर 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. लेकिन, मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में मॉनसून की बारिश से पहले ही प्री-मॉनसून की बारिश तापमान में काफी कमी लाएगी.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि 10 जून से लेकर 12 जून तक राज्य के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही इस दौरान आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात होने की भी प्रबल संभावना है, जिसको लेकर राज्य के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. वहीं, इन तीन दिनों के दौरान उत्तर बिहार एवं पूर्वी बिहार के जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर कहते हैं कि देश में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. वहीं, 15 जून या उसके बाद बिहार में भी मॉनसून की बारिश की एंट्री हो जाएगी. हालांकि, इस बारिश को लेकर उन्होंने कुछ चिंता भी व्यक्त की है. उनका कहना है कि इस बार राज्य में मॉनसून की बारिश सामान्य से कुछ कम होने की संभावना है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि पश्चिम भारत के राज्यों की अपेक्षा पूर्वी भारत के राज्यों में मॉनसून की अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिसमें बिहार भी शामिल है. यानी कुल मिलाकर बिहार में बारिश होगी, लेकिन सामान्य रूप से जितनी बारिश होनी चाहिए, उसमें थोड़ी कमी आ सकती है. आगे उन्होंने बताया कि बिहार में मॉनसून की बारिश सामान्य से भले ही कम हो, लेकिन बारिश का क्रम रुक-रुक कर जारी रहेगा.
मौसम वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर कहते हैं कि राज्य में फिलहाल El Nino की स्थिति न्यूट्रल बनी हुई है. उनका मानना है कि बिहार में El Nino का प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं रहने वाला है. तीन महीनों यानी जून, जुलाई और अगस्त के दौरान बारिश भले ही सामान्य से कम हो, लेकिन बारिश होने का क्रम लगातार जारी रहेगा.
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में 10 जून से लेकर 12 जून तक अच्छी बारिश होने की संभावना है. लेकिन इस दौरान बारिश के साथ ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है. ऐसे में किसानों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
हाल के समय में एक ओर किसान धान का बीज डाल चुके हैं, वहीं दूसरी ओर बागवानी से जुड़े किसान आम की तुड़ाई में लगे हुए हैं. इन दोनों परिस्थितियों में किसान खुले मैदानों में काम कर रहे हैं. इसलिए बारिश और खराब मौसम के दौरान किसानों को सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेना चाहिए, ताकि वे प्राकृतिक आपदाओं से स्वयं को सुरक्षित रख सकें.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today