गर्मी से लोगों का हाल बेहाल. (Photo: ITG)पंजाब और हरियाणा में इस समय भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है. तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग चंडीगढ़ ने दोनों राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में भी गर्मी बहुत ज्यादा रह सकती है और लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
इस बार की गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड की याद दिला दी है. पंजाब के बठिंडा में साल 1984 में 48.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था. वहीं इस बार फरीदकोट में तापमान लगभग 47 डिग्री तक पहुंच गया है. हरियाणा में हिसार का सबसे ज्यादा तापमान 48.4 डिग्री साल 1981 में दर्ज हुआ था. इस बार रोहतक में तापमान 46.9 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे वहां के लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं.
चंडीगढ़ में भी तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंच चुका है. यहां का पुराना रिकॉर्ड 46.5 डिग्री रहा है. लगातार बढ़ती गर्मी के कारण सड़कें दोपहर में लगभग खाली दिखाई दे रही हैं.
दिन में तेज धूप और लू चलने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है. डॉक्टर लोगों को बार-बार पानी पीने, धूप में बाहर कम निकलने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं. दोपहर के समय गर्म हवाएं इतनी तेज चल रही हैं कि कुछ मिनट बाहर रहने पर भी शरीर थकने लगता है.
गर्मी की वजह से कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है. गांवों से लेकर शहरों तक लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी चीजों का सहारा ले रहे हैं.
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश से लगे पंजाब के कुछ इलाकों में मौसम की हलचल के कारण अगले दो दिनों में थोड़ी राहत मिल सकती है. कुछ जगह हल्के बादल या हवाएं चल सकती हैं. लेकिन इसके बाद फिर से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है.
उन्होंने कहा कि अगले एक महीने तक पंजाब और हरियाणा में गर्मी का असर बना रह सकता है. इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य समय से पहले केरल पहुंच चुका है. अगर मौसम की स्थिति ठीक रही तो मॉनसून उत्तर भारत में भी जल्दी पहुंच सकता है. अनुमान है कि मॉनसून करीब 22 जून तक पंजाब और हरियाणा पहुंच सकता है. लोग अब बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस भयंकर गर्मी से राहत मिल सके.
भीषण गर्मी का असर बिजली पर भी दिखाई दे रहा है. पंजाब में बिजली की मांग तेजी से बढ़ गई है. बुधवार को राज्य में बिजली की मांग 14,335 मेगावाट तक पहुंच गई, जो पिछले साल से भी ज्यादा है. सिर्फ पांच दिनों में बिजली की मांग 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई.
तेज गर्मी के कारण लोग लगातार एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी वजह से बिजली की जरूरत बहुत बढ़ गई है. पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी पीएसपीसीएल को बाहर से भी बड़ी मात्रा में बिजली खरीदनी पड़ रही है ताकि लोगों को बिजली मिलती रहे.
अधिकारियों का कहना है कि बाहर से महंगी बिजली खरीदने से बिजली विभाग पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है. फिर भी विभाग कोशिश कर रहा है कि लोगों को ज्यादा कटौती का सामना न करना पड़े.
मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि बहुत जरूरी काम होने पर ही दोपहर में बाहर निकलें. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें. ज्यादा पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें. आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है.
ये भी पढ़ें:
सूत मिलों के लिए किसानों की बलि? कॉटन की बुवाई के बीच जीरो इपोर्ट ड्यूटी की क्यों उठी मांग
Shrimp Production: यूरोप, चीन और वियतनाम में बढ़ी झींगा की डिमांड, 1 मिलियन टन पहुंचा उत्पादन
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today