46 डिग्री में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, अकोला में 6 दिन बाद आ रहा नल का पानी

46 डिग्री में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, अकोला में 6 दिन बाद आ रहा नल का पानी

महाराष्ट्र के अकोला शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. 45 से 46 डिग्री तापमान में लोगों को 6 दिन बाद पानी मिल रहा है. काटेपूर्णा डैम में सिर्फ 29 प्रतिशत पानी बचा है. झुग्गी और मध्यम वर्गीय परिवार पानी स्टोर न कर पाने से परेशान हैं और हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ रहा है.

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46 डिग्री  में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, अकोला में 6 दिन बाद आ रहा नल का पानी46°C की तपिश में पानी के लिए तरसा अकोला

महाराष्ट्र के अकोला शहर में इन दिनों लोगों की मुश्किलें बहुत बढ़ गई हैं. एक तरफ तेज गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, तो दूसरी तरफ पानी की भारी कमी ने हालात और खराब कर दिए हैं. शहर में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इतनी तेज गर्मी में लोगों को बार-बार पानी पीने की जरूरत पड़ रही है, लेकिन कई घरों में पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है.

नगर निगम अब शहर में 6 दिन में केवल एक बार पानी की सप्लाई कर रहा है. इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है. खासकर गरीब बस्तियों और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए पानी बचाकर रखना बहुत मुश्किल हो गया है.

घरों में पानी नहीं, लोग कैसे रहें हाइड्रेट?

गर्मी बढ़ने के साथ प्रशासन लोगों को बार-बार सलाह दे रहा है कि ज्यादा पानी पिएं, खुद को हाइड्रेट रखें और दोपहर में घर से बाहर न निकलें. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों के घरों में ही पर्याप्त पानी नहीं है.

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए पानी बहुत जरूरी होता है. लोग कूलर चलाते हैं, नहाते हैं और बार-बार पानी पीते हैं. लेकिन जब 6 दिन बाद पानी आता है, तो इतना पानी बचाकर रखना आसान नहीं होता. कई लोग पानी की कमी के कारण बीमार भी पड़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इस समय हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बहुत बढ़ गया है.

डैम में बचा सिर्फ 29 प्रतिशत पानी

अकोला शहर को पानी देने वाले काटेपूर्णा डैम में अब केवल 29 प्रतिशत पानी बचा है. लगातार पड़ रही तेज गर्मी के कारण पानी तेजी से सूख रहा है. गर्म हवाओं और हीटवेव की वजह से पानी का वाष्पीकरण भी बहुत ज्यादा हो रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि अगर पानी का सही उपयोग नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. इसलिए पानी की सप्लाई कम करनी पड़ रही है ताकि बारिश आने तक पानी बचाया जा सके.

महिलाओं की बढ़ी परेशानी

अकोला के शिवरी इलाके की महिलाओं ने बताया कि उनके घर छोटे हैं और उनके पास बड़े टैंक या बड़े बर्तन नहीं हैं. ऐसे में 5 से 6 दिन का पानी जमा करना बहुत मुश्किल हो जाता है.

महिलाओं ने कहा कि जिस दिन पानी आता है, उस दिन उन्हें पूरा दिन पानी भरने में लगाना पड़ता है. कई महिलाओं को अपनी दिहाड़ी और काम छोड़ना पड़ता है. इससे उनकी कमाई पर भी असर पड़ रहा है.

कुछ परिवार मजबूरी में टैंकर और बैरल से पानी खरीद रहे हैं. इससे उनके घर का खर्च और बढ़ गया है. गरीब परिवारों के लिए यह स्थिति बहुत कठिन बनती जा रही है.

नगर निगम ने लोगों से की अपील

अकोला नगर निगम जल बोर्ड के अभियंता Amol Doiphode ने कहा कि शहर में सीमित पानी बचा है. इसी कारण पानी सप्लाई का समय बढ़ाया गया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी का बहुत सोच-समझकर उपयोग करें और पानी की बर्बादी न करें.

प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध पानी को जून और जुलाई तक बचाकर रखना जरूरी है. अगर समय पर बारिश नहीं हुई, तो पानी का संकट और बढ़ सकता है.

हर बूंद बन रही कीमती

अकोला में बढ़ती गर्मी और पानी की कमी अब लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गई है. लोग दिन-रात पानी बचाने की कोशिश कर रहे हैं. शहर के कई इलाकों में लोग पानी के लिए परेशान दिखाई दे रहे हैं.

यह स्थिति बता रही है कि आने वाले समय में पानी की हर बूंद बहुत कीमती होने वाली है. अगर पानी का सही उपयोग नहीं किया गया, तो गर्मी और जल संकट मिलकर लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकते हैं.

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