Himachal Pradesh Rain: हिमाचल प्रदेश के लिए आफत बनी बारिश Weather News: मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा है कि जुलाई में भारत के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है. आईएमडी अधिकारियों ने मध्य भारत, उत्तराखंड और हरियाणा के लोगों से बाढ़ के खतरे के कारण सतर्क रहने को कहा है. जबकि देश के कुछ हिस्से पहले ही मॉनसून के प्रकोप का सामना कर रहे हैं. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि उत्तरी ओडिशा में प्रमुख नदियों के उफान पर होने के कारण राज्य सरकार ने निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है. बालासोर और मयूरभंज जिलों में बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया है.
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह गरज और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई. इससे तापमान में गिरावट आई और हवा भी साफ हो गई. आईएमडी ने रविवार रात से दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की है. आईएमडी के अनुसार सोमवार को सफदरजंग स्टेशन पर सुबह 8.30 बजे न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 3.9 डिग्री कम था. हवा की क्वालिटी में भी थोड़ा सुधार हुआ हालांकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'संतोषजनक' श्रेणी में बना रहा. सोमवार को सुबह 9 बजे AQI 73 दर्ज किया गया, जबकि रविवार शाम को यह 83 था. मौसम विभाग ने दिल्ली और एनसीआर के अधिकांश हिस्सों के लिए येलो अलर्ट (सावधान रहें) जारी किया है.
उत्तर -पश्चिमी दिल्ली और एनसीआर के कुछ हिस्से जैसे झज्जर, भिवानी और पानीपत ग्रीन जोन में हैं. आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, अगले 24 घंटों में क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. आईएमडी ने निवासियों को गरज के साथ बारिश के दौरान खुली जगहों से बचने और निचले इलाकों में संभावित जलभराव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है.
हरियाणा के गुरुग्राम में रविवार रात को नूंह जिले के एक गांव में भारी बारिश के कारण एक मकान ढह जाने से 13 वर्षीय लड़की की मौत हो गई. उसके परिवार के छह सदस्य घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. चंडीगढ़ और पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी सोमवार को बारिश हुई. स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में सोमवार सुबह 8.30 बजे पिछले 24 घंटों में 70.5 मिमी बारिश हुई.
हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भारी बारिश के कारण इमारतें ढह गईं, भूस्खलन हुआ और सड़कें ब्लॉक हो गईं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में राज्य में 23 लोगों की जान जा चुकी है. हिमाचल में जून में औसत 135 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 101 मिमी होती है, जो 34 प्रतिशत अधिक है. यह 1901 के बाद से राज्य में जून के महीने में हुई 21वीं सबसे अधिक बारिश है. वर्ष 1971 में सबसे अधिक 252.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. कुछ हिस्सों में बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है. कई इमारतें ढह गई हैं, लैंडस्लाइड और सड़क जाम ने सोमवार को राज्य के लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है.
आईएमडी की मानें तो पूर्वोत्तर के बड़े हिस्सों, पूर्वी भारत के कई इलाकों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. कई क्षेत्रों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है. हालांकि, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है. देश में जुलाई में औसतन 28 सेमी बारिश होती है.
मध्य भारत और उससे सटे दक्षिणी प्रायद्वीप में भारी बारिश की संभावना है. इसमें पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और तेलंगाना के आस-पास के इलाके और गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और हरियाणा में भी अच्छी बारिश की उम्मीद है. आईएमडी के अनुसार इस क्षेत्र में दिल्ली समेत कई शहर और कस्बे शामिल हैं. दक्षिण की ओर बहने वाली कई नदियां उत्तराखंड से निकलती हैं. ऐसे में इन सभी नदी जलग्रहण क्षेत्रों, शहरों और कस्बों के लिए सावधानी बरतनी होगी.
पूर्व में, ओडिशा सरकार ने बालासोर और मयूरभंज जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है क्योंकि सुवर्णरेखा, बुधबलंग, जलाका और सोनो जैसी नदियों में जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और बताया कि ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशमन सेवा के कर्मी बचाव और राहत कामों में लगे हुए हैं. आईएमडी ने 5 जुलाई तक पूरे राज्य में और बारिश होने का अनुमान जताया है.
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