कई राज्यों में लू का असर देखा जा रहा हैअप्रैल के मध्य में देशभर का मौसम पूरी तरह से बदलते हुए नजर आ रहा है. एक ओर पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है, वहीं राजस्थान सहित उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में यह “मिश्रित मौसम” का दौर जारी रहेगा, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम के अलग रंग देखने को मिलेंगे.
राजस्थान में आज 17 अप्रैल को एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल रहा है. गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनू, जयपुर, अलवर, कोटपूतली, बहरोड़ और दौसा सहित आसपास के जिलों में मेघगर्जन, 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. शेखावाटी क्षेत्र, जो पंजाब-हरियाणा से सटा हुआ है, वहां इस सिस्टम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तेज आंधी भी दर्ज की गई है, जिससे अचानक मौसम ठंडा हुआ.
हालांकि आंधी-बारिश के इस असर के बावजूद राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का कहर जारी है. प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. बाड़मेर 42.9°C तापमान के साथ सबसे गर्म जिला रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है. वहीं जैसलमेर में तापमान 42.8°C दर्ज किया गया. राज्य के 18 से अधिक शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. गर्म हवाएं (लू) और तेज धूप लोगों को खासा प्रभावित कर रही हैं.
इस बार गर्मी का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है. कई शहरों में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो इस सीजन में पहली बार देखा गया. इस वजह से लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही, जिससे हीटवेव का असर और अधिक महसूस हो रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी राजस्थान में आज आंधी-बारिश के चलते तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट हो सकती है. लेकिन इसके बाद अगले कुछ दिनों में फिर से 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है. अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान (Above Normal Conditions) बने रहने के आसार हैं, खासकर पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव का असर तेज हो सकता है.
जहां राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर है, वहीं देश के पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत में भी तेज बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है. दूसरी ओर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार के लिए'येलो अलर्ट' जारी किया है. विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है.
मौसम विभाग ने शुक्रवार को शहर के कुछ अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, शहर में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया—जो इस मौसम का अब तक का सबसे अधिक तापमान है—जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
मौजूदा हालात के बारे में बताते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि धुंध और बादलों का छाना, राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों और पड़ोसी देश पाकिस्तान के ऊपर बने एक 'चक्रवाती सर्कुलेशन' (induced cyclonic circulation) के कारण है.
उन्होंने कहा, "इन इलाकों से धूल के कण दिल्ली-NCR की ओर आ गए हैं, जिसके कारण धूल की धुंध की एक परत बन गई है और हवा की क्वालिटी (air quality) खराब हो गई है."
इस बदलते मौसम के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. दिन के समय धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें. वहीं आंधी-बारिश वाले क्षेत्रों में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
कुल मिलाकर, अप्रैल के इस समय में राजस्थान सहित पूरे देश में मौसम “एक साथ कई रूप” दिखा रहा है—जहां कहीं राहत की बारिश है, तो कहीं झुलसाती गर्मी का प्रकोप जारी है.(रिदम जैन की रिपोर्ट)
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