आज का मौसमदेश के बड़े हिस्से में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. कुछ दिन पहले तक जहां कई राज्यों में भीषण गर्मी का कहर था, वहीं कुछ में अब तापमान सामान्य से भी नीचे जा चुका है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जून की शुरुआत में भी मौसम के लिहाज से सक्रिय रहने वाली है. कई राज्यों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. साथ ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिससे दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बन रही है.
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून को उत्तर, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है. उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है. मध्य भारत में वातावरण में नमी और स्थानीय मौसमी प्रभावों के कारण गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
वहीं, पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक दिखाई दे सकता है. वहीं दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में वर्षा का दायरा बढ़ने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 1 जून को मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकता है. आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. पिछले दिनों की तुलना में गर्मी का असर कम महसूस हो सकता है. दिन के समय हल्की हवाएं चलने की संभावना है.
IMD के मुताबिक, दिल्ली में राहत का यह दौर बहुत लंबा नहीं रहने वाला है. 2 जून से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो सकती है. 2 जून को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है, जबकि 3 जून तक पारा 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास जाने का अनुमान है. मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि बादलों की आंशिक मौजूदगी बनी रह सकती है. ऐसे में सप्ताह के मध्य तक गर्मी फिर से अपना असर दिखा सकती है.
2 जून के बाद मौसम की सबसे अधिक सक्रियता दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल सकती है. केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं. कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी दर्ज हो सकती है. मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी. पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बादल और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम धीरे-धीरे स्थिर होने के साथ तापमान में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं.
मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करनी चाहिए. जिन क्षेत्रों में बारिश या तेज हवा की संभावना है वहां कटाई के बाद की उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें. सब्जी और बागवानी फसलों को सहारा देने की व्यवस्था करें ताकि हवा से नुकसान न हो. जिन इलाकों में वर्षा की संभावना है वहां खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें. पशुपालकों को भी पशुओं के लिए सूखा चारा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है.
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