बिहार में मोंथा चक्रवात ने शुरू की तबाहीमोंथा चक्रवाती तूफान का कहर जहां आंध्र प्रदेश सहित तेलंगाना के राज्यों में देखने को मिला, वहीं इसका असर बीते 24 से 48 घंटों से बिहार में भी देखने को मिल रहा है. इस चक्रवात की रफ्तार भले ही कम हो गई हो, लेकिन बिहार में हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. एक ओर जहां किसान अगेती धान की खड़ी फसल की कटाई के लिए तैयारी में जुटे थे. वहीं, रबी फसलों में दलहन, तिलहन सहित आलू की खेती में भी इस बारिश की वजह से देरी हुई है. साथ ही मौसम विभाग के अनुसार अभी राज्य में अगले 24 घंटे तक इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है. राज्य के करीब सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है. इसके अलावा राज्य के कुछ जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है.
पटना जिले के बिहटा प्रखंड के पैनाल गांव के सुजीत कुमार और मोहम्मदपुर गांव के शैलेंद्र कुमार कहते हैं कि इस बारिश ने किसानों को केवल नुकसान के अलावा कुछ नहीं दिया है. बे-मौसम बारिश ने धान की फसल को तो क्षति पहुंचाई ही है, साथ ही रबी फसलों की खेती में भी देरी आई है. सुजीत कुमार कहते हैं कि उनके गांव पैनाल में करीब 50 बीघा की धान की खड़ी फसल गिर चुकी है. वहीं, फसल गिरने के साथ ही वह पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं, जिसमें अब फसल होने की उम्मीद नहीं है. वहीं, अगर बात की जाए तो इस बारिश और हवा की वजह से अगेती धान की किस्मों की फसल को करीब 25 फीसदी तक नुकसान हुआ है. अगर ऐसा ही आने वाले दिनों में रहा तो काफी क्षति होने की उम्मीद है.
मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे के दौरान राज्य के सुपौल जिले के एक-दो स्थानों पर काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है. इसके साथ ही राज्य के सिवान, मधुबनी, सारण, बक्सर, किशनगंज, भोजपुर, गोपालगंज और अररिया जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है. वहीं, शेष अन्य जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें वीरपुर में सबसे अधिक 148.2 मिमी तो जहानाबाद में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई.
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 1 नवंबर यानी शनिवार को भी राज्य के करीब सभी जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से राज्य के अररिया, किशनगंज, पूर्णिया के जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, राज्य के पूर्वी भाग के एक या दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात की संभावना भी मौसम विभाग की ओर से अपने पूर्वानुमान में जारी की गई है. इसके साथ ही 2 नवंबर को उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार और दक्षिण-पूर्व बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया जिलों के एक या दो स्थानों पर वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है. इसके साथ ही शेष अन्य जिलों में 2 नवंबर से मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
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