इन राज्यों में कड़ाके की ठंड का कहर (फाइल फोटो)पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में संकेंद्रित पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में लंबे समय से जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के दौर में अब धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 11 जनवरी तक कोहरे की तीव्रता में क्रमिक कमी आएगी और न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. गुरुवार सुबह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना से बहुत घना कोहरा देखा गया.
मौसम विभाग के अनुसार, हरदोई, कानपुर, बलिया, बांदा, अमेठी, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा में शीत दिवस की स्थिति दर्ज की गई. वहीं बरेली, प्रयागराज, झांसी, वाराणसी और शाहजहांपुर में गंभीर शीत दिवस रहा. प्रयागराज में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी के बाबतपुर में 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जनवरी के प्रेक्षण इतिहास में पांचवां सबसे ठंडा दिन रहा. शाहजहांपुर में तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो जनवरी के इतिहास में नौवां सबसे ठंडा दिन माना गया.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों से चल रही ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी पछुआ हवाएं, साथ ही घने कोहरे के कारण धूप देर से निकलने से शीत दिवस जैसी स्थितियां बनीं. जनवरी के पहले सप्ताह में इसी वजह से प्रदेश भर में कड़ाके की ठंड महसूस की गई. हालांकि, अब उत्तरी पंजाब पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाओं की दिशा और नमी में बदलाव हो रहा है, जिससे तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.
इस बीच, हरियाणा और पंजाब में भी ठंड का असर साफ नजर आया. हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा. भिवानी में 4.5 डिग्री, सिरसा में 5.4 डिग्री, हिसार में 6 डिग्री और रोहतक में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. पंजाब में बठिंडा सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा. अमृतसर में 6.2 डिग्री, लुधियाना में 6.8 डिग्री और गुरदासपुर में 6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. चंडीगढ़ में पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, सुबह और रात के समय कोहरा कुछ इलाकों में बना रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत फिलहाल अल्पकालिक हो सकती है और जनवरी के दूसरे हिस्से में मौसम के नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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