सर्द हवाओं और कोहरे की मारआगर मालवा जिले में अचानक से बहुत ठंड पड़ गई है. पिछले चार-पांच दिन से घना कोहरा छाया हुआ है. कोहरे और ठंड की वजह से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है. लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं. सड़क पर गाड़ियां बहुत धीरे-धीरे चल रही हैं. घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी यानी दिखने की दूरी लगभग दस फीट रह गई है. दिन में भी सड़क की स्ट्रीट लाइट चालू करनी पड़ रही है, ताकि लोग और वाहन सुरक्षित रह सकें. उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिख रहा है.
ठंड और कोहरे के कारण नगर पालिका ने चौराहों पर अलाव जलाए हैं. लोग वहां आकर अलाव के पास खड़े होकर गर्मी महसूस कर रहे हैं. पशुएं भी अलाव के पास बैठकर ठंड से बच रही हैं. लोग दिनभर अलाव के पास खड़े होकर ठंड भगाने की कोशिश कर रहे हैं. नगर पालिका ने वाहनों में लकड़ियाँ भी पहुंचाई हैं और चौराहों पर उनका ढेर लगाकर अंगीठी जलाई जा रही है. इससे लोग थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं और गायों को भी गर्मी मिल रही है.
लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहन रहे हैं. टोपी, जैकेट, शाल और कंबल का इस्तेमाल किया जा रहा है. लोग गर्म चाय पीकर ठंड को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके साथ ही गर्म जलेबी भी दिन भर खाई जा रही है, ताकि शरीर को थोड़ी गर्मी मिले. गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है. हर कोई अपने और अपने बच्चों के लिए गर्म कपड़े खरीदने में लगा हुआ है. लोग और बच्चे अलाव के पास खड़े होकर ठंड भगाने की कोशिश कर रहे हैं.
घने कोहरे की वजह से सड़क पर वाहन चलाना बहुत मुश्किल हो गया है. पुलिस ने गाड़ी चालकों को एडवायजरी जारी की है. उन्होंने कहा कि वाहन धीरे चलाएं, डिम लाइट जलाएं और अन्य वाहनों से दूरी बनाए रखें. कुछ गाड़ियों पर पानी की बूंदें जम गई हैं, जिससे सड़क पर सावधानी रखना और जरूरी हो गया है. कोहरे के कारण सड़कें धुंधली दिख रही हैं और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है.
ठंड और कोहरे के कारण जिला प्रशासन ने कक्षा आठ तक के स्कूलों में चार दिन की छुट्टी घोषित की है. इसका उद्देश्य बच्चों को ठंड से बचाना है. बच्चे घरों में रहकर गर्म कपड़े पहनकर और अलाव के पास बैठकर ठंड भगाने की कोशिश कर रहे हैं. इससे बच्चों को ठंड के कारण होने वाली बीमारी से सुरक्षा मिल रही है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कोहरे और ठंड रहने से फसलों पर असर पड़ सकता है. किसान अब मौसम के अगले बदलाव का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की योजना बनाई है. अगर ठंड और कोहरा लंबे समय तक रहेगा, तो गेहूं, सरसों और अन्य फसलें प्रभावित हो सकती हैं.
कड़ाके की ठंड और कोहरे की वजह से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है. लोग घरों से निकलते समय गर्म कपड़े पहनते हैं. मुंह से भाप निकलता दिखाई देता है. लोग अलाव और गर्म कपड़े के सहारे ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं. सड़कें, चौराहे और गाड़ियां सभी ठंड से प्रभावित हैं. लोग गर्म चाय और जलेबी का सहारा लेकर दिनभर ठंड भगाने की कोशिश में लगे हुए हैं.
आगर मालवा में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है. लोग अलाव और गर्म कपड़े पहनकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और सावधानी के लिए एडवायजरी जारी की है. स्कूलों में अवकाश दिया गया है और किसानों की फसलों पर मौसम का असर पड़ सकता है. ठंड और कोहरे ने पूरे क्षेत्र में जीवन की गति धीमी कर दी है, और लोग हर संभव तरीके से ठंड से राहत पाने की कोशिश में लगे हुए हैं. (प्रमोद कारपेंटर का इनपुट)
ये भी पढ़ें:
Onion Price: महाराष्ट्र में फिर हुए प्याज के दाम धड़ाम, 15 दिन में ₹1000 की गिरावट
Urea Import: यूरिया की बढ़ती मांग के बीच आयात बढ़ा, किसानों को मिलेगा सहारा
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today