Crop Care: सर्द हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई ठंड, फसलों की सुरक्षा जरूरी

Crop Care: सर्द हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई ठंड, फसलों की सुरक्षा जरूरी

फतेहपुर शेखावाटी में तेज सर्दी और कोहरे का असर बढ़ गया है. रात का तापमान माइनस 0.2 डिग्री तक पहुंचा. किसानों की सरसों, फलदार पौधे और सब्जियों की फसलों पर पाले और शीतलहर का खतरा बढ़ गया है. लो-टनल, कपड़ा या धुआं जैसी आसान उपाय अपनाकर किसान अपनी फसलों को बचा सकते हैं.

Advertisement
Crop Care: सर्द हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई ठंड, फसलों की सुरक्षा जरूरीफतेहपुर में पहली बार माइनस में तापमान

फतेहपुर शेखावाटी में हाल ही में सर्द हवाओं के कारण ठंड काफी बढ़ गई है. शहर और कोटा जिले में सुबह से घना कोहरा छाया रहा. विजिबिलिटी केवल 30 मीटर के आसपास रही. ग्रामीण इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखा गया. पार्क और हरियाली वाली जगहों पर ओस की बूंदें जम गईं. इस सीजन में पहली बार ठंड इतनी तेज हुई कि रात का तापमान माइनस 0.2 डिग्री तक चला गया. खेतों में फसलों और सिंचाई की पाइप लाइनों पर बर्फ जम गई. कई जगह खुले में रखे बर्तनों का पानी भी जम गया. सुबह तक ठंड का असर बना रहा और लोग ठिठुरते रहे.

कोल्ड डे की स्थिति

कोहरे और शीतलहर के कारण जिले में लगातार तीसरे दिन कोल्ड डे की स्थिति रही. फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र के अनुसार, सोमवार को न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री और अधिकतम 19.5 डिग्री दर्ज किया गया. शनिवार को अधिकतम तापमान 17.6 और न्यूनतम 1.6 डिग्री था. इससे पहले दिसंबर में सबसे कम तापमान 1 डिग्री दर्ज हुआ था.

किसानों के लिए चिंता की बात

माइनस में तापमान होने से सरसों, फलदार पौधे और सब्जियों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं. फसलों पर पाला जमने से उनकी बेल और तना झुलसने लगती हैं. वहीं गेहूं, जौ और चना जैसी फसलों पर ओस जमने से सिंचाई की जरूरत थोड़ी कम हो जाती है.

फसलों की सुरक्षा के उपाय

किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए लो-टनल का इस्तेमाल करना चाहिए. लो-टनल जमीन से 2-3 फीट ऊंचा होता है. इसमें तार या बांस से अर्धवृत्त बनाकर ऊपर पॉलीशीट चढ़ाई जाती है. यह मिनी ग्रीन हाउस की तरह काम करता है और अंदर का तापमान बाहर से 3-8 डिग्री ज्यादा रहता है.

जिन किसानों के पास लो-टनल नहीं है, वे फसलों पर कपड़ा, चादर या ग्रीन नेट भी डाल सकते हैं. खेत की उत्तर-पूर्व दिशा में रात को हल्का धुआं करना, गंधक के तेजाब या थायो यूरिया छिड़कना और रात में कुएं के पानी से सिंचाई करना फसलों को पाले से बचाने के आसान तरीके हैं.

मौसम की वजह से तापमान में गिरावट

मौसम वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु शर्मा के अनुसार, दिसंबर में लगातार कोहरा और शीतलहर रहने के बाद मौसम शुष्क हुआ. शुष्क मौसम में रात में आसमान साफ होने पर हवा की नमी ठंडी होकर जमने लगी और तापमान जमाव बिंदु के नीचे चला गया. अगर शीतलहर का दबाव कम नहीं होता है, तो सोमवार को भी तापमान जमाव बिंदु के नीचे रहेगा.

बच्चों और आम लोगों के लिए संदेश

ठंड में बाहर जाते समय गरम कपड़े पहनें. किसानों को फसलों की देखभाल विशेष रूप से करनी चाहिए. ओस और बर्फ से फसलें प्रभावित हो सकती हैं. सही समय पर उपाय करने से फसलों को नुकसान से बचाया जा सकता है. (राकेश गुर्जर का इनपुट)

ये भी पढ़ें: 

रबी सीजन में नीलगाय से फसल बचाने का ये है देसी तरीका, किसान जरूर अपनाएं ये आसान उपाय
Tissue Culture Lab बनाने पर ये सरकार दे रही बंपर सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का लाभ

POST A COMMENT