हिमाचल प्रदेश में तेज बर्फबारी से 265 सड़कें बंद, बारिश ने भी बढ़ाई मुश्किल

हिमाचल प्रदेश में तेज बर्फबारी से 265 सड़कें बंद, बारिश ने भी बढ़ाई मुश्किल

मौसम विभाग के मुताबिक, गोंडला में 50.5 सेमी, सलूनी में 46 सेमी, कुकुमसेरी में 32 सेमी, भरमौर में 30 सेमी, केलांग में 23 सेमी, हंसा में 20 सेमी, कोठी में 10 सेमी, खदराला और सांगला में 8 सेमी, कल्पा और शिलारू में 5 सेमी, चौपाल, नारकंडा और 5 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई.

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हिमाचल प्रदेश में तेज बर्फबारी से 265 सड़कें बंद, बारिश ने भी बढ़ाई मुश्किलहिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं (सांकेतिक तस्वीर)

हिमाचल प्रदेश की कई जगहों पर बुधवार को ताजा बर्फबारी हुई. जिन जिलों में बर्फबारी हुई उनमें लाहौल और स्पीति, चंबा, किन्नौर, शिमला और कुल्लू शामिल हैं. तेज बर्फबारी के चलते इन जिलों में 265 सड़कें बंद हो गईं. प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज बारिश हुई जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया. बारिश के बाद हिमाचल प्रदेश के न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की बढ़ोतरी हो गई. केलोंग में पिछली रात सबसे कम तापमान माइनस 4.7 डिग्री दर्ज किया गया.

स्थानीय मौसम विभाग ने 30 जनवरी तक बारिश का अनुमान जताया है. इस पूरे इलाके में शुक्रवार रात से पश्चिमी विक्षोभ का ताजा असर शुरू होगा जिससे बारिश होने की संभावना जताई गई है.

बर्फबारी के बाद जो सड़कें बंद रहीं उनमें 139 रोड लाहौल और स्पीति में, 92 चंबा में, 13-13 शिमला और कुल्लू में, तीन मंडी और दो कांगड़ा जिले में हैं. इसमें रोहतांग दर्रे के नजदीक नेशनल हाइवे 3 भी है. साथ ही बर्फबारी के कारण जलोरी पास के नजदीक नेशनल हाइवे 305 और ग्रांफू से लोसार तक नेशनल हाइवे 505 भी बंद रहा.

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मौसम विभाग के मुताबिक, गोंडला में 50.5 सेमी, सलूनी में 46 सेमी, कुकुमसेरी में 32 सेमी, भरमौर में 30 सेमी, केलांग में 23 सेमी, हंसा में 20 सेमी, कोठी में 10 सेमी, खदराला और सांगला में 8 सेमी, कल्पा और शिलारू में 5 सेमी, चौपाल, नारकंडा और 5 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई. पूह में 3 सेंटीमीटर और कुफरी में एक सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई. 

प्रदेश के बाकी हिस्से जैसे नगरोटा सूरियां में 90 मिमी बारिश हुई, इसके बाद चंबा में 73 मिमी, गुलेर में 69 मिमी, धर्मशाला में 68 मिमी, गुलयानी में 60 मिमी, ऊना में 50 मिमी, पालमपुर में 40 मिमी और हमीरपुर में 28 मिमी बारिश हुई. इस महीने के अंत तक एक और बारिश की भविष्यवाणी की गई है. इसे देखते हुए मंडी जिले के किसानों को जलभराव में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

उधर, कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर बुधवार को ताजा बर्फबारी से दृश्यता घटकर 500 मीटर रह गई, जिससे घाटी से आने-जाने वाले हवाई यातायात प्रभावित हुए. कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई. 

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इस बीच घाटी में न्यूनतम तापमान में सुधार देखा गया. श्रीनगर में पारा शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. अधिकारियों ने कहा कि काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया.

गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे माइनस 9.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा. यह जम्मू-कश्मीर का सबसे ठंडा स्थान रहा. पहलगाम का न्यूनतम तापमान शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात से छह डिग्री अधिक था. मौसम विभाग ने गुरुवार को कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना जताई है.

यातायात विभाग के मुताबिक, श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ जगहों पर बारिश के बीच पत्थरबाजी की कुछ घटनाएं हुईं, लेकिन यातायात सुचारु रहा.

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